back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 18, 2026
spot_img

Darbhanga Check Dam: जल-जीवन-हरियाली का कमाल, इस एक Check Dam ने बदल दी गांव की तकदीर, पढ़िए Darbhanga के हरसिंगपुर गांव की कहानी… सूखे खेतों में उम्मीदों का सैलाब

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Check Dam: पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसने वाली धरती जब हरियाली की चादर ओढ़ ले, तो समझो तकदीर ने करवट ले ली है। कुछ ऐसी ही कहानी है दरभंगा के हरसिंगपुर गांव की, जहां एक सरकारी पहल ने किसानों के सूखे खेतों में उम्मीदों का सैलाब ला दिया है।

- Advertisement -

Check Dam निर्माण: कैसे बदली गांव की सूरत

दरभंगा जिले के अलीनगर प्रखंड स्थित हरसिंगपुर गांव कुछ साल पहले तक पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। करीब चार हजार की आबादी वाला यह गांव पूरी तरह से मानसून की बारिश पर निर्भर था। बारिश का पानी तेजी से बहकर निकल जाता और गर्मी आते ही कुएं-चापाकल जवाब दे जाते थे। सिंचाई के अभाव में किसान साल में केवल एक ही फसल ले पाते थे, जिससे उनकी आय सीमित थी और गांव के युवा रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर थे।Darbhanga Check Dam: जल-जीवन-हरियाली का कमाल, इस एक Check Dam ने बदल दी गांव की तकदीर, पढ़िए Darbhanga के हरसिंगपुर गांव की कहानी... सूखे खेतों में उम्मीदों का सैलाबगांव की इस विकट स्थिति को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। मनरेगा के अंतर्गत नौ लाख 84 हजार रुपए की लागत से एक चेक डैम का निर्माण कराया गया। इस एक फैसले ने गांव की खुशहाली का नया अध्याय लिख दिया। आज इस डैम की बदौलत करीब 250 एकड़ कृषि भूमि के लिए सिंचाई की गारंटी सुनिश्चित हो गई है और 500 से अधिक पशुओं के लिए भी पानी की उपलब्धता सहज हो गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।सिंचाई की सुविधा मिलने से गांव के किसानों ने अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर सब्जी, तिलहन और दलहन जैसी नकदी फसलों की खेती भी शुरू कर दी है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि गांव में पर्यावरणीय संतुलन भी कायम हुआ है। यह पहल प्रभावी जल संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है, जिससे लगभग 670 लोगों को सीधे तौर पर फायदा मिल रहा है। गांव में लौटी हरियाली और समृद्धि को देखकर लगता है कि विकास की सही धारा अब यहां पहुंची है।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

किसानों की जुबानी, सफलता की कहानी

गांव के किसान अब इस बदलाव से बेहद खुश हैं। हरसिंगपुर के निवासी शंकर यादव बताते हैं, “जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बने इस डैम से हमारे गांव में पानी की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है। अब खेती, पशुपालन और रोजगार के अवसरों में काफी सुधार हुआ है।”वहीं, एक अन्य किसान उमेश यादव इस योजना को ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर मानते हैं। वे कहते हैं, “यह चेक डैम जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अत्यंत सफल सिद्ध हुआ है। इस योजना ने स्थायी जल प्रबंधन, कृषि विकास और हमारे जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

यह भी पढ़ें:  Patna NEET case: पटना नीट छात्रा मौत मामला: CBI की दूसरी दबिश, छात्रा के भाई को CBI की टीम ने घर से उठाया, माता-पिता से की तीन घंटे तक पूछताछ

एक पहल, अनेक फायदे

  • भू-जल स्तर में स्थायी वृद्धि
  • वर्षा जल का संरक्षण एवं पुनर्भरण
  • सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि
  • कृषि उत्पादन एवं किसानों की आय में बढ़ोतरी
  • पशुपालन और अन्य आजीविका के अवसरों में सुधार
  • पर्यावरण संरक्षण और गांव के हरित आवरण में वृद्धि
  • ग्रामीण पलायन पर प्रभावी रोक
- Advertisement -

जरूर पढ़ें

तेजी का नया दौर: Stock Market में PSU बैंक और मेटल स्टॉक्स ने दिखाया दम, IT सेक्टर की सुस्ती कायम!

Stock Market: शेयर बाजार में हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन, बुधवार को एक बार...

Robot Dog: एआई समिट में ‘ओरियन’ के नाम पर चीनी रोबोट Go2 का प्रदर्शन, क्या है सच?

Robot Dog: हाल ही में एआई समिट में गलगोटियाज यूनिवर्सिटी द्वारा एक 'अद्भुत' रोबोट...

OTT Release: ‘धुरंधर’ को पछाड़, इस ICC मैच ने OTT पर मचाया कोहराम!

OTT Release: ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर हफ्ते कुछ न कुछ नया रिलीज होता है,...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें