
डिजिटल जनगणना: बिहार में जनसंख्या गणना का इंतजार खत्म होने वाला है! 17 अप्रैल से जिले में जनगणना का पहला चरण शुरू हो रहा है, जो डिजिटल माध्यम से संपन्न होगा। इस बार आप खुद ही अपने मोबाइल से अपनी जानकारी भर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया और भी आसान और पारदर्शी हो जाएगी।
पहला चरण और डिजिटल माध्यम से स्व-गणना
जनगणना का पहला चरण 17 अप्रैल से 1 मई तक चलेगा, जिसमें मकानों की सूचीकरण और गणना की जाएगी। इस दौरान गृहस्वामी अपने मोबाइल में एक विशेष ऐप डाउनलोड करके खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। यह स्व-गणना सुविधा प्रक्रिया को और भी सुगम बनाएगी। वहीं, दूसरा चरण 2 से 31 मई तक चलेगा, जिसमें प्रखंड के सभी बीडीओ और नगर परिषद व नगर पंचायत के ईओ की मदद ली जाएगी। इस बार की जनगणना में कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बिहार के बक्सर जिले के सांख्यिकी पदाधिकारी मोती लाल दिनकर ने बताया कि जिले में जनसंख्या गणना के दौरान कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए कुल 72 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। ये मास्टर ट्रेनर 13 से 28 अप्रैल तक जिले के सभी प्रगणक, पर्यवेक्षक और फील्ड प्रगणकों को प्रशिक्षण देंगे। इस कार्य को समय पर और सही तरीके से पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मी और शिक्षकों को नियुक्त किया जा रहा है।
डिजिटल जनगणना: अब नहीं होगी गलती!
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि इस बार की डिजिटल जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी होने की संभावना बहुत कम हो जाएगी। घरों पर जाने वाले अधिकारी परिवार से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करेंगे, जिनमें परिवार संख्या, घर में रहने वाले लोगों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व (स्वयं का या किराए का), रहने के कमरों की संख्या और विवाहित जोड़ों की संख्या आदि शामिल हैं। ये सभी जानकारी परिवार के मुखिया उपलब्ध कराएंगे।
प्रगणक परिवार को मिलने वाली सुविधाओं और उनकी बेसिक जरूरतों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। इसमें पीने के पानी का मुख्य स्रोत (घर के अंदर उपलब्ध है या नहीं), रोशनी का स्रोत, शौचालय की सुविधा और उसका प्रकार, गंदे पानी की निकासी, नहाने की सुविधा, रसोई की सुविधा, खाना बनाने का ईंधन और एलपीजी कनेक्शन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
जनगणना से विकास को मिलेगी रफ्तार
शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों या पार्कों की प्लानिंग करने में यह जनसंख्या गणना और इसका डेटा उपयोगी साबित होगा। यदि किसी जगह के घरों के डिजिटल लेआउट में बच्चों की अधिकता होगी, तो पार्क और स्कूल प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेगी। इसी तरह, यदि किसी बस्ती में कच्चे मकानों या खराब घरों की अधिकता दिखेगी, तो वहां किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय तत्काल मोबाइल राहत वैन भेजी जा सकेंगी। आधार की पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में सहायक होगी। जब वोटर किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटली जुड़ा होगा, तो दोहरे पंजीकरण के समय उसके मूल निवास का पता भी सामने आएगा। यह डिजिटल जनगणना कई तरह की कमियों को आसानी से दूर करने में मददगार होगी।







