
Fortified Rice: अन्नदाताओं के खेत खलिहानों में उम्मीदों का सूरज एक बार फिर चमका है, जब केंद्र सरकार ने एक बड़े फैसले से कृषि क्षेत्र में नई जान फूंकी है। देशभर में धान की खरीद अब पहले से कहीं अधिक रफ्तार पकड़ेगी, जिससे किसानों को समय पर उनके उपज का सही दाम मिल पाएगा।
Fortified Rice की अनिवार्यता खत्म: केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला, देशभर में धान अधिप्राप्ति में आएगी रिकॉर्ड तेजी
Fortified Rice पर केंद्र सरकार का अहम फैसला
नई दिल्ली/पटना। केंद्र सरकार ने फोर्टीफाइड राइस (Fortified Rice) की अनिवार्यता को समाप्त करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस कदम से देशभर में धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को अब नई गति मिलेगी, जिससे किसानों को उनकी उपज बेचने में आ रही दिक्कतों से निजात मिलने की उम्मीद है। यह फैसला उन राज्यों के लिए विशेष रूप से राहत भरा है, जहां फोर्टीफाइड राइस के भंडारण और वितरण से जुड़ी लॉजिस्टिकल चुनौतियां सामने आ रही थीं। अब मंडियों में धान की खरीद और उसके प्रसंस्करण में लगने वाला समय कम होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह निर्णय किसानों के साथ-साथ राज्य सरकारों की भी लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम है। फोर्टीफाइड राइस की अनिवार्य खरीद और वितरण प्रणाली ने कई राज्यों में खरीद प्रक्रिया को धीमा कर दिया था, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। सरकार का मानना है कि इस कदम से खरीफ और रबी दोनों ही मौसमों में धान की खरीद में पारदर्शिता और गति आएगी।
बिहार के मंत्री ने किया स्वागत, बताया किसानों के हित में
बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने केंद्र सरकार के इस फैसले का तहे दिल से स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह किसानों के व्यापक हित में लिया गया निर्णय है और इससे बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में धान की खरीद प्रक्रिया को अभूतपूर्व गति मिलेगी। मंत्री सिंह ने बताया कि पहले फोर्टीफाइड राइस की अनिवार्यता के कारण भंडारण और वितरण में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अब यह बाधा हट गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार इस फैसले को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है और सुनिश्चित करेगी कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिले। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि राज्य में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। इस फैसले से राज्यों को भी धान अधिप्राप्ति लक्ष्यों को पूरा करने में आसानी होगी, जिससे खाद्य वितरण प्रणाली और मजबूत होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






