

Siwan News: सियासी गलियारों में भले ही रोज नई बहस छिड़ती हो, लेकिन जब बात देश और मिट्टी के गौरव की आती है, तो हर दिल एक हो उठता है। इसी भावना से ओत-प्रोत एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है बिहार।
पटना से लेकर सिवान तक इन दिनों एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन की चर्चा तेज हो गई है। भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जन्मभूमि जीरादेई में 28 फरवरी को देशभक्ति, सम्मान और प्रेरणा से जुड़ा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इस मौके पर 108 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का उद्घाटन किया जाएगा, जो इस पावन धरा पर देशप्रेम की नई गाथा लिखेगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आदर्शों और उनके राष्ट्र के प्रति योगदान को याद करना है।
Siwan News: राष्ट्रपति की जन्मभूमि का गौरवशाली आयोजन
इस विशेष कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। जीरादेई की धरती पर होने वाला यह आयोजन न केवल सिवान, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति, जनप्रतिनिधि और शिक्षाविदों के शामिल होने की उम्मीद है। यह विशाल राष्ट्रीय ध्वज, जिसका उद्घाटन 28 फरवरी को होगा, क्षेत्र के लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति समिति के अध्यक्ष और स्थानीय लोगों द्वारा इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। समिति ने बताया कि यह कार्यक्रम डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आदर्शों और सिद्धांतों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रयास है। समिति के सदस्यों ने सभी देशवासियों से इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने और अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
जीरादेई: प्रेरणा और सम्मान का केंद्र
जीरादेई, जो कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति की जन्मभूमि है, सदियों से प्रेरणा का स्रोत रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से इस स्थान के महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलेगी। 108 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज, देश की एकता और अखंडता का प्रतीक बनकर यहां लहराएगा। यह केवल एक स्मारक का उद्घाटन नहीं है, बल्कि यह उस भावना का सम्मान है जिसने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। यह भव्य राष्ट्रीय ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा।
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कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन से स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और जीरादेई को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। इस दिन को यादगार बनाने के लिए कई सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी, जो देशभक्ति के रंगों से सराबोर होंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आयोजन डॉ. राजेंद्र प्रसाद के सपनों के भारत को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


