
हाजीपुर एक्सीडेंट: बिहार के हाजीपुर-मुजफ्फरपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा का काफिला एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया, जिसमें एक निर्दोष मैकेनिक की जान चली गई। यह घटना महुआ मोड़ के पास हुई, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
शुक्रवार को जब बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा बेगूसराय में एक केस की सुनवाई निपटाकर मुजफ्फरपुर के रास्ते पटना लौट रही थीं, तो उनका काफिला हाजीपुर-मुजफ्फरपुर नेशनल हाईवे पर महुआ मोड़ के पास एक अनियंत्रित बाइक सवार को बचाने के प्रयास में आपस में टकरा गया। इस अफरा-तफरी में काफिले के एक एस्कॉर्ट वाहन ने साइकिल सवार युवक सुरेश मौर्य को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तेज रफ्तार और अचानक ब्रेक लगने के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी।
हादसे में अध्यक्ष और गार्ड भी घायल
इस भयानक घटना में केवल एक निर्दोष की जान ही नहीं गई, बल्कि महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा और उनके निजी गार्ड को भी चोटें आई हैं। अध्यक्ष के पति डॉ. रणधीर ने बताया कि उनकी गाड़ी एस्कॉर्ट वाहन के ठीक पीछे थी। अचानक सामने आए बाइक सवार को बचाने के प्रयास में एस्कॉर्ट चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया, और पीछे आ रही अध्यक्ष की गाड़ी सीधे एस्कॉर्ट से जा भिड़ी। इस टक्कर में अप्सरा मिश्रा के कंधे और बाजू में चोटें आई हैं। वहीं, उनके निजी गार्ड के सीने में गंभीर चोट लगने की बात सामने आ रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
हाजीपुर एक्सीडेंट: मैकेनिक सुरेश मौर्य की दर्दनाक मौत
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दुखद पहलू 22 वर्षीय मैकेनिक सुरेश मौर्य की मौत रही, जो उत्तर प्रदेश के मेरठ का निवासी था। सुरेश हाजीपुर के रामाशीष चौक पर एक गैरेज में काम करता था। शुक्रवार शाम काम खत्म कर वह साइकिल से अपने किराए के घर लौट रहा था, तभी वह इस काफिले की चपेट में आ गया। सुरेश अपने पीछे रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया है, जिसके लिए यह सड़क हादसा एक कभी न भरने वाला घाव बन गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के आरोप और पुलिस जांच
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने काफिले की रफ्तार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि काफिले की गाड़ियां बेहद तेज गति से चल रही थीं। उनका कहना है कि एस्कॉर्ट गाड़ी ने पहले कुछ बाइक सवारों को टक्कर मारी और फिर सुरेश की साइकिल को चपेट में ले लिया। चौंकाने वाला आरोप यह भी है कि हादसा होने के बावजूद काफिले की कोई भी गाड़ी मदद के लिए नहीं रुकी और सभी वाहन तेजी से पटना की ओर निकल गए। बाद में जमा हुई भीड़ ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक सुरेश दम तोड़ चुका था।
हादसे की सूचना मिलते ही सदर और यातायात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को कब्जे में लिया और देर रात सदर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि गलती किसकी थी – क्या बाइक सवार की लापरवाही थी या काफिले की रफ्तार तय सीमा से अधिक थी। जांच में सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह हाजीपुर एक्सीडेंट पुलिस के लिए भी एक चुनौती बन गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







