

Bihar Rajya Sabha Election: सियासी रणभूमि में हर चाल, हर बयान एक नए समीकरण को जन्म देता है। आगामी राज्यसभा चुनाव से पहले एक बयान ने बिहार की राजनीति में ऐसी ही हलचल मचा दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र के एक बयान के बाद यह कयास तेज़ हो गए हैं कि पार्टी पूर्व सांसद दिवंगत शहाबुद्दीन की पत्नी हीना शहाब को राज्यसभा भेजने की तैयारी में है। यह कदम बिहार की सियासी बिसात पर एक बड़ा अल्पसंख्यक दांव साबित हो सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bihar Rajya Sabha Election: क्या हीना शहाब होंगी RJD की राज्यसभा उम्मीदवार? भाई वीरेंद्र के बयान से गरमाई बिहार की सियासत
Bihar Rajya Sabha Election: आरजेडी का अल्पसंख्यक दांव?
राज्यसभा की खाली हो रही सीटों को लेकर बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। मार्च में होने वाले इन चुनावों से पहले, राष्ट्रीय जनता दल में उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन जारी है। इसी बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने एक बड़ा संकेत दिया है, जिसके बाद से हीना शहाब के नाम की चर्चा जोरों पर है। वीरेंद्र ने कहा कि RJD हमेशा से अल्पसंख्यकों के हितों का ध्यान रखती आई है और भविष्य में भी ऐसा ही करेगी। उनके इस बयान को हीना शहाब की उम्मीदवारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
अगर हीना शहाब को RJD उम्मीदवार बनाया जाता है, तो यह मुस्लिम मतदाताओं को साधने की एक बड़ी कोशिश होगी, खासकर सीमांचल और सारण प्रमंडल में जहां शहाबुद्दीन का प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है। पार्टी के रणनीतिकार यह मानते हैं कि इससे अल्पसंख्यक वोट बैंक और मज़बूत होगा। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे अटकलों का बाज़ार गरम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
क्या है भाई वीरेंद्र का बयान?
भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आरजेडी हमेशा से सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर चलती है। उन्होंने विशेष रूप से अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व पर जोर दिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में राज्यसभा सीटों को लेकर राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन के निधन के बाद से हीना शहाब राजनीतिक रूप से सक्रिय रही हैं, हालांकि उन्होंने RJD से दूरियां बना ली थीं। अब उनके वापस पार्टी के पाले में आने और राज्यसभा भेजने की चर्चा से सियासी गलियारों में एक नई लहर दौड़ गई है।
सियासी गलियारों में अटकलें तेज़
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि RJD का यह कदम न केवल मुस्लिम वोट बैंक को लुभाने के लिए है, बल्कि इससे पार्टी के भीतर आंतरिक समीकरणों को भी साधा जा सकता है। हीना शहाब की उम्मीदवारी से राजद में एक मजबूत अल्पसंख्यक चेहरा उभरेगा। इसके अलावा, देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जिससे पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर भी छवि सुधरेगी। हीना शहाब पूर्व में लोकसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं और उन्हें अच्छा समर्थन मिला था, जिससे उनकी जमीनी पकड़ स्पष्ट होती है। अब देखना यह है कि आरजेडी आलाकमान इस पर अंतिम मुहर कब लगाता है और क्या हीना शहाब वाकई राज्यसभा पहुंचकर बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिखती हैं।



