

Holi Flight Fares: फागुन का महीना आते ही हर प्रवासी बिहारी के मन में घर लौटने की ललक हिलोरे मारने लगती है। लेकिन इस बार होली पर अपनों से मिलने की यह चाहत उनकी जेब पर भारी पड़ रही है, क्योंकि हवाई यात्रा का किराया आसमान छू रहा है।
Holi Flight Fares: पटना की उड़ानें हुईं सिंगापुर से भी महंगी, यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ
Holi Flight Fares: क्यों आसमान छू रहे हैं हवाई किराए?
होली के पावन पर्व पर अपने घर बिहार लौटने की ख्वाहिश रखने वाले लाखों लोगों के लिए इस वर्ष हवाई यात्रा एक महंगा सौदा साबित हो रही है। बढ़ती मांग और सीमित सीटों के कारण एयरलाइन कंपनियों ने किराए में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी है। आलम यह है कि देश के महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता से पटना आने का किराया अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, मसलन सिंगापुर तक के किराए से भी अधिक हो गया है। इस स्थिति ने उन यात्रियों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है जो त्योहार पर घर आकर परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पटना एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ और हवाई जहाजों की कम उपलब्धता, इन दोनों कारणों से इस बार यात्रियों को अधिक एयरलाइन किराया चुकाना पड़ रहा है। कई यात्री तो अंतिम समय में टिकट बुक कराने की सोच रहे थे, लेकिन अब उन्हें या तो बहुत अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं या फिर वे अपनी यात्रा रद्द करने पर मजबूर हो रहे हैं। यह स्थिति हर साल होली के दौरान पैदा होती है, जब बिहार आने-जाने वाली उड़ानों की मांग चरम पर होती है, और एयरलाइन किराया बेतहाशा बढ़ जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से महंगा हुआ घरेलू सफर
दिल्ली से पटना की सामान्य उड़ान का किराया जहां आमतौर पर 3,000 से 5,000 रुपये के बीच रहता है, वहीं होली के आसपास यह आंकड़ा 10,000 से 15,000 रुपये तक पहुंच गया है। कुछ एयरलाइंस तो 20,000 रुपये से भी अधिक किराया वसूल रही हैं। तुलनात्मक रूप से, दिल्ली से सिंगापुर की वापसी उड़ान का किराया कई बार 12,000 से 18,000 रुपये के बीच मिल जाता है, जो घरेलू उड़ानों से सस्ता है। यह विडंबना ही है कि देश के भीतर की यात्रा विदेश यात्रा से अधिक महंगी हो गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यात्रियों की शिकायत है कि एयरलाइंस इस मौके का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूल रही हैं। सरकार और नियामक संस्थाओं से हस्तक्षेप की मांग उठ रही है ताकि यात्रियों को इस तरह की लूट से बचाया जा सके। बिहार के लाखों श्रमिक और पेशेवर जो देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत हैं, वे अब सड़क या रेल मार्ग से यात्रा करने पर विचार कर रहे हैं, भले ही इसमें अधिक समय और परेशानी हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। लेकिन इन माध्यमों पर भी टिकट मिलना आसान नहीं है, क्योंकि वहां भी भीड़ बढ़ गई है। यह स्थिति उन लोगों के लिए और भी मुश्किल है जिन्हें कम समय में घर पहुंचना है या जिनके पास यात्रा के अन्य विकल्प नहीं हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

