

नेपाल चुनाव: जंगल में आग की लपटें बेकाबू हों, इससे पहले ही घेराबंदी की जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा भारत-नेपाल सीमा पर है, जहां निष्पक्ष मतदान के लिए हर रास्ता बंद किया जा रहा है।
नेपाल चुनाव: शांतिपूर्ण मतदान के लिए भारत-नेपाल सीमा सील, जानिए क्या हैं नए नियम?
नेपाल चुनाव: त्रिवेणी सीमा पर तीन दिन का प्रतिबंध
नेपाल चुनाव: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, क्योंकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अगले कुछ दिनों के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील कर दिया गया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय मोतिहारी जिले से सटे नवलपरासी जिला प्रशासन द्वारा लिया गया है। प्रशासन ने घोषणा की है कि भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा त्रिवेणी 3 मार्च की रात से 6 मार्च की रात तक पूरी तरह से सील रहेगी। इस अवधि के दौरान, वाल्मीकि नगर सीमा (बॉर्डर) पर आम लोगों और वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सीमा सील करने का मुख्य उद्देश्य चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना है, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना है। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के त्रिवेणी वीओपी के सब इंस्पेक्टर डम्मर ओली ने बताया कि चुनावों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, पूर्वी नवलपरासी के जिलाधिकारी भविश्वर पांडे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है, लेकिन मौखिक रूप से सीमा सील करने की पुष्टि की गई है।
केवल आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी अनुमति
सीमा सील होने के पश्चात, सीमा पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप्प रहेगा। केवल आपातकालीन सेवाओं, जैसे एम्बुलेंस और अन्य विशेष आपातकालीन वाहनों को ही गहन जांच के बाद आने-जाने की अनुमति होगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी गैर-जरूरी आवाजाही से चुनाव प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। चुनाव सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके साथ ही, सीमा सील होने के दौरान यदि कोई नेपाली मतदाता भारतीय सीमा से नेपाल में प्रवेश करना चाहता है, तो उसकी नागरिकता तथा वोटर कार्ड की गहन जांच के बाद ही उसे नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। नेपाल में 5 मार्च को चुनाव होने हैं, जिसमें मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नेपाल में चुनावों की पृष्ठभूमि और तैयारी
गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के पद से इस्तीफे के बाद सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री नियुक्त कर उनके नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया गया था, जिसने 5 मार्च को चुनाव कराने का निर्णय लिया था। अब इन चुनावों को लेकर नेपाल क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और सीमा क्षेत्र पर एपीएफ लगातार निगरानी रख रही है। कुल 18.9 मिलियन योग्य मतदाता हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (HoR) के 275 सदस्यों को चुनने के लिए मतदान करेंगे।
इनमें से 165 सांसद प्रत्यक्ष मतदान से चुने जाएंगे, जबकि शेष 110 का चुनाव आनुपातिक मतदान प्रणाली (प्रोपोर्शनल वोटिंग सिस्टम) के तहत होगा। चुनाव सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



