

Indian Railways News: पटरियों पर दौड़ती रफ्तार की कहानी में अब सच्चाई का इंजन लग गया है। भारतीय रेलवे ने उन ट्रेनों से ‘सुपरफास्ट’ का टैग हटा दिया है, जो सिर्फ कागजों पर ही तेज थीं, और यात्रियों से अनुचित शुल्क वसूल रही थीं।
Indian Railways News: रेलवे की पारदर्शिता पर उठे सवाल
Indian Railways News: लोक लेखा समिति (PAC) की तीखी फटकार के बाद भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समिति ने अपनी फरवरी 2026 की रिपोर्ट में रेलवे पर आरोप लगाया था कि कई ट्रेनें ब्रॉड गेज पर न्यूनतम औसत गति 55 किलोमीटर प्रति घंटा हासिल नहीं कर पा रही थीं, फिर भी उन्हें ‘सुपरफास्ट’ का दर्जा देकर यात्रियों से अनुचित ‘सुपरफास्ट’ सरचार्ज (यात्री अधिभार) वसूला जा रहा था। इस गंभीर आरोप के बाद रेलवे बोर्ड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन सभी ट्रेनों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है जिनकी औसत गति 55 किलोमीटर प्रति घंटा से कम है।
इस समीक्षा के परिणामस्वरूप, भारतीय रेलवे ने तत्काल प्रभाव से 77 ऐसी ट्रेनों से ‘सुपरफास्ट’ का टैग हटा दिया है। यह कदम यात्रियों को आर्थिक राहत प्रदान करेगा और रेलवे की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता लाएगा। इन ट्रेनों में अब यात्रियों को अतिरिक्त सुपरफास्ट शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह निर्णय रेलवे की पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
किस आधार पर हटाई गई सुपरफास्ट कैटेगरी?
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, ‘सुपरफास्ट’ ट्रेन का दर्जा केवल उन यात्री सेवाओं को दिया जाता है जिनकी औसत गति कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। यदि कोई ट्रेन इस मानदंड को पूरा नहीं करती है, तो उसे ‘सुपरफास्ट’ के रूप में वर्गीकृत करना और यात्री अधिभार वसूलना अनुचित है। पीएसी की रिपोर्ट में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया था कि ऐसे मामलों में यात्रियों के साथ धोखाधड़ी हो रही थी।
रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे जोनों को एक परिपत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन ट्रेनों की समय-सारणी में औसत गति 55 किलोमीटर प्रति घंटा से कम है, उन सभी से ‘सुपरफास्ट’ का दर्जा हटा दिया जाए। यह बदलाव न केवल नामकरण में होगा, बल्कि टिकटों की कीमत पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। अब इन ट्रेनों के लिए यात्रियों को सुपरफास्ट यात्री अधिभार नहीं देना होगा, जिससे उनके पैसे की बचत होगी। रेलवे बोर्ड के इस कदम से लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि रेलवे अपनी सेवाओं में सुधार करे, ऐसे निर्णय आवश्यक हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
रेलवे प्रशासन लगातार अपनी सेवाओं की गुणवत्ता और यात्री सुविधा को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। यह फैसला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे भविष्य में ऐसी विसंगतियों को रोका जा सकेगा।

