

Patna News: भ्रष्टाचार के दलदल में धंसे एक चमकते सितारे का पतन, कुछ ऐसा ही मंजर था जब आंध्र प्रदेश पुलिस ने बिहार की राजधानी में दस्तक दी। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई ने न केवल बिहार पुलिस महकमे को हिला दिया बल्कि प्रशासनिक गलियारों में भी खलबली मचा दी।
बिहार में आईपीएस एम. सुनील नायक की गिरफ्तारी से हड़कंप: पटना न्यूज़ का बड़ा अपडेट
आईपीएस एम. सुनील नायक की गिरफ्तारी: पटना न्यूज़ में सनसनी
राजधानी पटना के शास्त्री नगर स्थित एक सरकारी आवास पर सोमवार सुबह उस समय हलचल तेज हो गई, जब आंध्र प्रदेश से आई एक विशेष पुलिस टीम ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एम. सुनील नायक के घर अचानक दबिश दी। बिहार पुलिस महकमे को सूचना दिए बिना की गई इस कार्रवाई से सभी भौंचक रह गए। अधिकारी को हिरासत में लेकर आंध्र प्रदेश ले जाने की तैयारी की जा रही थी। यह घटना बिहार और आंध्र प्रदेश के पुलिस बलों के बीच समन्वय की कमी पर भी सवाल उठाती है।
सूत्रों के अनुसार, आईपीएस एम. सुनील नायक पर आंध्र प्रदेश में तैनाती के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। इसी सिलसिले में आंध्र प्रदेश की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने यह बड़ी कार्रवाई की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सुबह-सुबह हुई इस आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी ने बिहार के प्रशासनिक हलकों में भी भूचाल ला दिया है, क्योंकि बिहार में किसी सेवारत आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी एक दुर्लभ घटना है।
दरअसल, ये विवाद साल 2021 से जुड़ा है, जब एम. सुनील नायक आंध्र प्रदेश सीआईडी में कार्यरत थे। आरोप है कि उनके निर्देश पर नरसापुरम के तत्कालीन सांसद के रघुराम कृष्णा राजू को गिरफ्तार किया गया था। पूर्व सांसद का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और बुरी तरह मारपीट की गई। इसी शिकायत के आधार पर कोर्ट ने संज्ञान लिया और मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
स्थानीय पुलिस को जैसे ही इस कार्रवाई की भनक लगी, आनन-फानन में शास्त्री नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आंध्र प्रदेश की टीम अपनी कार्रवाई को अंतिम रूप दे चुकी थी। आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस और आंध्र प्रदेश पुलिस के बीच कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी बनी। हालांकि, बाद में कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए आंध्र प्रदेश टीम को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई।
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क्या है पूरा मामला और आगे की कार्रवाई?
बताया जा रहा है कि एम. सुनील नायक पर करोड़ों रुपये के घोटाले से जुड़े आरोप हैं, जिसकी जांच आंध्र प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से कर रही थी। जांच के दौरान पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही गिरफ्तारी का यह बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें इस कार्रवाई की कोई पूर्व सूचना नहीं थी, जिससे प्रोटोकॉल उल्लंघन का मामला भी बन सकता है। यह घटना दर्शाती है कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, बराबर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आंध्र प्रदेश पुलिस टीम ने पटना पहुंचकर स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना ही सीधे कार्रवाई शुरू कर दी, जो कि नियमों के विरुद्ध मानी जा रही है। इस मामले पर बिहार पुलिस मुख्यालय से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस पर बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय की तरफ से स्पष्टीकरण दिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर अधिकारियों के बीच ईमानदारी और जवाबदेही के मुद्दों को उजागर किया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आईपीएस अधिकारी को ट्रांजिट रिमांड पर आंध्र प्रदेश ले जाया जाएगा, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी और अदालत में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी ने उन अधिकारियों के लिए एक कड़ी चेतावनी के रूप में काम किया है जो सत्ता का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। यह मामला निश्चित तौर पर आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों में भी चर्चा का विषय बनेगा।


