back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 23, 2026
spot_img

Bihar Politics: जन सुराज को बड़ा झटका, दिग्गज नेता शंकर स्वरूप राम कांग्रेस में शामिल

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में सियासी शतरंज की बिसात बिछी है, जहां हर मोहरा अपने दांव-पेंच बदल रहा है। इस उठापटक के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता शंकर स्वरूप राम ने पार्टी छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया है, जिसे प्रशांत किशोर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

- Advertisement -

बिहार पॉलिटिक्स: जन सुराज को बड़ा झटका, दिग्गज नेता शंकर स्वरूप राम कांग्रेस में शामिल

जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत किशोर की महत्वाकांक्षी यात्रा को सीतामढ़ी में एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के एक महत्वपूर्ण और वरिष्ठ नेता, शंकर स्वरूप राम, ने जन सुराज का साथ छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीतिक फिजा में एक नई बहस छेड़ दी है और प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शंकर स्वरूप राम का जाना निश्चित रूप से पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण political shift का संकेत है।

- Advertisement -

शंकर स्वरूप राम जन सुराज अभियान के शुरुआती दिनों से ही प्रशांत किशोर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। उनकी पहचान पार्टी के एक मजबूत स्तंभ के रूप में थी, खासकर सीतामढ़ी जिले और आसपास के क्षेत्रों में उनका अच्छा जनाधार माना जाता था। ऐसे में उनके दल-बदल से जन सुराज को न केवल संगठनात्मक बल्कि जमीनी स्तर पर भी नुकसान होने की संभावना है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं और सभी दल अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Politics: विधानसभा में गरमाया 'लॉ एंड ऑर्डर' का मुद्दा, सरकार पर चौतरफा हमला, पढ़िए सदन के अंदर और बाहर

बिहार पॉलिटिक्स: जन सुराज के लिए क्यों है यह बड़ा झटका?

प्रशांत किशोर लगातार बिहार में एक वैकल्पिक राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। जन सुराज पार्टी का गठन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। शंकर स्वरूप राम जैसे कद्दावर नेता का पार्टी छोड़ना, निश्चित रूप से इस अभियान की गति को धीमा कर सकता है। इससे न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित होगा, बल्कि उन मतदाताओं में भी संशय पैदा हो सकता है जो जन सुराज को एक मजबूत विकल्प के तौर पर देख रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

कांग्रेस पार्टी के लिए यह एक सकारात्मक घटनाक्रम है। एक अनुभवी और क्षेत्रीय प्रभाव रखने वाले नेता का उनकी पार्टी में शामिल होना, कांग्रेस को बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद कर सकता है। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां शंकर स्वरूप राम का प्रभाव रहा है, वहां कांग्रेस को लाभ मिल सकता है। यह दिखाता है कि बिहार की राजनीति में समीकरण लगातार बदल रहे हैं और कोई भी दल अपनी स्थिति को लेकर निश्चिंत नहीं रह सकता।

शंकर स्वरूप राम ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद अपने बयान में कहा कि वे कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों से प्रभावित हैं और देश को एक मजबूत विपक्षी दल की आवश्यकता है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व पर विश्वास जताया और पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई। इस political shift से यह भी साफ है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में और भी कई बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कांग्रेस में शंकर स्वरूप राम का भविष्य

कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद शंकर स्वरूप राम की भूमिका क्या होगी, यह देखना दिलचस्प होगा। क्या उन्हें कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी जाएगी या उन्हें आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा? यह सभी सवाल आने वाले समय में स्पष्ट होंगे। हालांकि, यह तय है कि उनके अनुभव और जनाधार का लाभ कांग्रेस को जरूर मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जहां प्रशांत किशोर के ‘जन सुराज’ अभियान के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Sai Pallavi News: कोच्चि एयरपोर्ट पर साई पल्लवी को फैंस ने घेरा, ‘मालार मिस’ के लिए बेकाबू हुई भीड़

Sai Pallavi News: साउथ सिनेमा की लेडी सुपरस्टार साई पल्लवी हाल ही में केरल...

Automatic Car: भारत में ऑटोमैटिक कारों का बढ़ता क्रेज, जानें कौन सा गियरबॉक्स आपके लिए है बेस्ट

Automatic Car: भारतीय सड़कों पर ऑटोमैटिक कारों की बढ़ती लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं...

90 दिनों के सबसे किफायती Recharge Plans: एयरटेल, जियो या बीएसएनएल, कौन देगा बेहतर डील्स?

Recharge Plans: मौजूदा दौर में जब मोबाइल कनेक्टिविटी हर व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता बन...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें