

JEE Main Result: देशभर के लाखों छात्रों की मेहनत का फल आखिरकार मीठा साबित हुआ है, जब सपनों को पंख लगाने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पहले चरण के नतीजे जारी कर दिए। इस बार देश के 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसी फेहरिस्त में बिहार के गया जिले के शुभम कुमार का नाम भी स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है, जिन्होंने 100 पर्सेंटाइल हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य का मान बढ़ाया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जेईई मेन रिजल्ट: शुभम की सफलता एक प्रेरणा
पिछले दो वर्षों से बिहार के किसी भी छात्र को जेईई मेन में 100 पर्सेंटाइल का गौरव हासिल नहीं हुआ था, लेकिन शुभम की इस शानदार उपलब्धि ने उस सूखे को खत्म कर दिया है। शुभम कुमार अब देश के शीर्ष स्कोरर्स की सूची में शामिल हैं और उन्हें पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। गया सहित पूरे बिहार में उनके इस असाधारण प्रदर्शन को लेकर जश्न का माहौल है। इस बार बिहार से लगभग 60 हजार छात्रों ने जेईई मेन परीक्षा में हिस्सा लिया था, और इनमें से कई छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जो राज्य की शैक्षिक प्रगति के लिए एक सकारात्मक संकेत है। एनटीए ने परीक्षा परिणामों के साथ-साथ अंतिम उत्तर कुंजी और विस्तृत स्कोर कार्ड भी जारी किए हैं, जिन्हें छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर आसानी से देख सकते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
जेईई मेन 2026 के पहले चरण के लिए कुल 13,55,293 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 13,04,653 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जो लगभग 96.26 प्रतिशत की रिकॉर्ड उपस्थिति दर दर्शाती है। यह परीक्षा 21 से 28 जनवरी के बीच देश के 326 शहरों में स्थित 658 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई थी। इसके अतिरिक्त, विदेशों के 15 शहरों में भी भारतीय छात्रों के लिए विशेष परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
बिहार का बढ़ता शैक्षिक ग्राफ और भविष्य की उम्मीदें
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार के छात्रों का यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में और भी बेहतर होगा। शुभम कुमार, जो इस बार के बिहार टॉपर हैं, उनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनेगी और राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक नया उत्साह पैदा करेगी। उनकी सफलता ने साबित कर दिया है कि लगन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अब सभी की निगाहें जेईई मेन के दूसरे चरण और उसके बाद होने वाली बहुप्रतीक्षित जेईई एडवांस्ड परीक्षा पर टिकी हैं। छात्रों और अभिभावकों में यह उम्मीद बढ़ी है कि बिहार से ऐसे और कई बिहार टॉपर निकलेंगे जो देश और दुनिया में अपना परचम लहराएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


