
Jitan Ram Manjhi: बिहार की सियासत में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर जीतन राम मांझी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। समस्याओं के भंवर में फंसी जनता और सत्ता के बीच पुल बनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बार शराबबंदी और रसोई गैस संकट पर अपनी राय रखी है।
Jitan Ram Manjhi का शराबबंदी पर दो टूक बयान
केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने शराबबंदी को उचित ठहराते हुए कहा कि यह कानून स्वयं में गलत नहीं है, बल्कि इसे लागू करने वाले अधिकारियों और तंत्र में कहीं न कहीं गड़बड़ी है। उनके इस बयान ने एक बार फिर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। उनका मानना है कि सही तरीके से क्रियान्वयन न होने के कारण ही इस नीति को लेकर इतनी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जीतन राम मांझी ने रसोई गैस (LPG) संकट पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिहार में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने उन दावों को खारिज किया जिनमें राज्य में एलपीजी की किल्लत की बात कही जा रही थी। उनके मुताबिक, ऐसी खबरें महज अफवाहें हैं और जमीनी हकीकत कुछ और है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को संतोषजनक बताया।
रसोई गैस संकट पर जीतन राम मांझी का स्पष्टीकरण
मांझी का बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर लगातार बहस जारी है। विपक्ष लगातार इस कानून की समीक्षा की मांग करता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे महात्मा गांधी के सिद्धांतों के अनुरूप बताते हुए बचाव करता रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे स्वयं भी इस कानून के पक्षधर रहे हैं, लेकिन इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाकर उन्होंने एक नई बहस छेड़ दी है। उनका यह रुख दिखाता है कि वे समस्याओं को जड़ से समझने में विश्वास रखते हैं, चाहे वह शराबबंदी कानून हो या फिर गैस की उपलब्धता का मुद्दा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी नीति की सफलता उसके सही तरीके से लागू होने पर निर्भर करती है।

