
Patna Multi-level Parking: पटना सिटी का कंगन घाट, जहां गुरु गोविंद सिंह जी की पवित्र भूमि पर हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के फूल चढ़ाने आते हैं, अब उन्हें एक बड़ी राहत मिलने वाली है। दशकों से पार्किंग की समस्या से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए पर्यटन विभाग ने एक महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है।
Patna Multi-level Parking: कंगन घाट पर अब नहीं होगी वाहनों की भीड़, 99 करोड़ की लागत से बन रही हाईटेक पार्किंग
Patna Multi-level Parking: कंगन घाट की बदलेगी तस्वीर
Patna Multi-level Parking: पटना सिटी का ऐतिहासिक कंगन घाट अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए और भी सुविधाजनक होने जा रहा है। पर्यटन विभाग ने यहां 99.26 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण की शुरुआत कर दी है। मंगलवार को तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह ने विधिवत अरदास के साथ इस महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला रखी।
इस मल्टीलेवल पार्किंग के बनने से न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि देश-दुनिया से आने वाले सिख श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी। गुरुद्वारा परिसर के आसपास लगने वाली वाहनों की लंबी कतारें और जाम की समस्या अब अतीत की बात हो जाएगी। इससे यहां की श्रद्धालु सुविधाएं बेहतर होंगी, जिससे पर्यटक भी आसानी से गुरुद्वारे का दर्शन कर पाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह परियोजना कंगन घाट को एक आधुनिक स्वरूप प्रदान करेगी, जहां एक साथ कई वाहनों को खड़ा करने की सुविधा होगी। पार्किंग में सुरक्षा और अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ऐसी परियोजनाओं से शहर के पर्यटन उद्योग को भी गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस पहल से न सिर्फ पार्किंग की समस्या दूर होगी बल्कि कंगन घाट का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह ने इस मौके पर कहा कि यह परियोजना गुरुद्वारा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
परियोजना से स्थानीय विकास को मिलेगी गति
पर्यटन विभाग का यह कदम पटना साहिब को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उम्मीद है कि यह मल्टीलेवल पार्किंग वर्ष 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगी, जिसके बाद कंगन घाट पर वाहनों के व्यवस्थित ठहराव और यात्रियों की आवाजाही में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




