

Bihar Road Project: बिहार की सड़कों पर अब विकास की रफ्तार बुलेट ट्रेन सी दौड़ने को तैयार है, जहां धूल फांकते रास्ते इतिहास बनेंगे और आवागमन का हर सफर सुहाना हो जाएगा। खगड़िया से पूर्णिया तक राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को फोरलेन में बदलने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह 140 किलोमीटर लंबी परियोजना बिहार की जीवनरेखा साबित होगी।
करीब 1300 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस वृहद योजना से न सिर्फ वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि सड़क हादसों में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। यह परियोजना राज्य के पूर्वी हिस्से के लिए कनेक्टिविटी का नया अध्याय लिखेगी, जिससे व्यापार और वाणिज्य को भी बढ़ावा मिलेगा।
बिहार रोड प्रोजेक्ट: हादसों पर लगेगी लगाम, आवागमन होगा सुगम
यह फोरलेन सड़क आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण होगी, जिसमें यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सड़क पर बेहतर सिग्नलिंग, डिवाइडर और सुरक्षित मोड़ बनाए जाएंगे ताकि दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम हो सके। यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी, क्योंकि इससे आवागमन सस्ता और तेज हो जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य दोनों ही चरणों में तेजी देखी जा रही है। उम्मीद है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर यह परियोजना पूरी होकर जनता को समर्पित कर दी जाएगी। इसका सीधा लाभ उन लाखों लोगों को मिलेगा जो रोज इन मार्गों पर यात्रा करते हैं।
परियोजना का विवरण और अपेक्षित लाभ
खगड़िया से पूर्णिया तक का यह मार्ग फिलहाल व्यस्त और संकरा है, जिससे अक्सर जाम और दुर्घटनाएं होती रहती हैं। फोरलेन बनने से यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी। आवागमन की गति बढ़ने के साथ-साथ ईंधन की खपत में भी कमी आएगी, जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने में भी कम समय लगेगा, जिससे किसानों को भी लाभ होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से बिहार की छवि एक प्रगतिशील राज्य के रूप में और मजबूत होगी। यह फोरलेन न केवल पड़ोसी राज्यों से कनेक्टिविटी बेहतर करेगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद राज्य के परिवहन नेटवर्क को एक नई पहचान मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


