
खुशबू सिंह मर्डर केस: क्या बिहार में अब बेटियों को दहेज के लिए जला दिया जाएगा और अपराधी खुले घूमते रहेंगे? एक ऐसा ही दर्दनाक मामला मुजफ्फरपुर से सामने आया है, जहां शादी के छह महीने बाद एक बहन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पूर्व मंत्री के दामाद और उद्यमी वरुण कुमार सिंह ने इसे हत्या बताते हुए न्याय की मांग की है, और कहा है कि उनकी भी जान को खतरा है।
पटना। बिहार के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री संजीव प्रसाद टोनी के दामाद, उद्यमी वरुण कुमार सिंह ने मंगलवार को पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी बहन खुशबू सिंह की संदिग्ध मौत मामले में न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। वरुण का आरोप है कि उनकी बहन खुशबू सिंह की शादी के महज छह महीने बाद मुजफ्फरपुर में साजिशन हत्या कर दी गई, और अब इस मामले में आवाज उठाने पर उनके परिवार को जान का खतरा है।
दहेज के लिए हत्या का आरोप: क्या है खुशबू सिंह मर्डर केस?
वरुण कुमार सिंह ने बताया कि उनकी छोटी बहन खुशबू सिंह की शादी 1 जून 2025 को मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा निवासी एनआरआई ई. सुधांशु सिंह से हुई थी। आरोप है कि शादी के दौरान ही लड़के वालों ने फॉर्च्यूनर गाड़ी, लगभग एक करोड़ रुपये के गहने और 51 लाख रुपये नकद की मांग की थी। वरुण के अनुसार, गाड़ी को छोड़कर परिवार ने बाकी अधिकांश मांगें पूरी कर दी थीं, लेकिन शादी के बाद से ही खुशबू को गाड़ी और दिल्ली में फ्लैट की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। वरुण के मुताबिक, 26 दिसंबर 2025 को उनके बहनोई के पिता संजीव सिंह ने फोन कर सूचना दी कि खुशबू की मौत जलने और दम घुटने से हुई है। जब परिवार मुजफ्फरपुर पहुंचा, तब तक पुलिस और फॉरेंसिक टीम कथित तौर पर अपनी जांच पूरी कर चुकी थी। वरुण का आरोप है कि उन्हें अपनी बहन का शव ठीक से देखने तक नहीं दिया गया और शव पर मंगलसूत्र समेत कोई गहना नहीं था। कमरे में भी ऐसी कोई स्थिति नहीं थी, जिससे लगे कि मौत जलने या दम घुटने से हुई है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल और परिवार को जान का खतरा
वरुण सिंह ने आरोप लगाया कि उस समय स्थानीय पुलिस का रवैया आरोपी पक्ष के प्रति “असामान्य रूप से नरम” था और परिवार की शिकायत दर्ज करने में भी टालमटोल की गई। सामाजिक दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने खुशबू के पति सुधांशु सिंह को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन सास ममता सिंह, ससुर संजीव सिंह और अन्य आरोपियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वरुण का दावा है कि बाकी आरोपियों को फरार होने का अवसर दिया गया और अब केस को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें कई बार जान से मारने की कोशिश की गई है और लगातार धमकियां मिल रही हैं। यहाँ तक कि उपलब्ध सरकारी सुरक्षाकर्मी के सामने ही उनपर जानलेवा हमला किया गया, ताकि वे इस मामले को आगे न बढ़ा सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
वरुण सिंह की मांगें और चेतावनी
प्रेस कांफ्रेंस में वरुण कुमार सिंह ने साफ कहा कि यदि इस खुशबू सिंह मर्डर केस में निष्पक्ष, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई, तो न्याय मिलना कठिन हो जाएगा। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी, डीजीपी विनय कुमार, आईजी तिरहुत चंदन कुशवाहा, एसएसपी मुजफ्फरपुर कांतेश मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर त्वरित SIT जांच, सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और अपने परिवार के लिए स्थायी सरकारी अंगरक्षक उपलब्ध कराने की मांग की है। वरुण ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







