Bihar News: ज्ञान की उड़ान भरने को तैयार, सपनों को पंख देने की कवायद शुरू हो चुकी है। बिहार के नन्हें सितारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिला है।
राजधानी पटना स्थित किलकारी बिहार बाल भवन में आज से एक महत्वपूर्ण तीन दिवसीय कार्यक्रम का आगाज हो गया है। 4 जनवरी से 6 जनवरी तक चलने वाले इस आयोजन में पटना सहित बिहार के विभिन्न प्रमंडलीय बाल भवनों से आए 100 से अधिक प्रतिभाशाली बच्चे भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम केंद्रीय संस्कृति संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के साक्षात्कार के लिए है, जिसका उद्देश्य कला और संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट योग्यता रखने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करना है।
Bihar News: बाल भवन में प्रतिभा का संगम
इस साक्षात्कार में बच्चों की कलात्मक क्षमताओं और सांस्कृतिक समझ का गहन मूल्यांकन किया जाएगा। विशेषज्ञ निर्णायक मंडल उनकी प्रस्तुतियों और ज्ञान के आधार पर सर्वश्रेष्ठ बाल प्रतिभाओं का चयन करेगा। किलकारी बिहार बाल भवन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन राज्य के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और उन्हें अपनी रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
CCRT छात्रवृत्ति योजना का लक्ष्य 10 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के उन बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो पारंपरिक कला रूपों, नृत्य, संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला और अन्य सांस्कृतिक विधाओं में उत्कृष्ट हैं। यह छात्रवृत्ति इन बाल प्रतिभाओं को अपनी शिक्षा के साथ-साथ अपनी कला साधना को भी जारी रखने में मदद करती है, जिससे वे भविष्य में देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध कर सकें।
कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व
यह तीन दिवसीय कार्यक्रम केवल एक साक्षात्कार नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सीखने और प्रेरणा प्राप्त करने का एक अवसर भी है। उन्हें अपने सहपाठियों और विभिन्न क्षेत्रों से आए अन्य प्रतिभाशाली बच्चों से मिलने का मौका मिलेगा, जिससे उनके भीतर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सहयोग की भावना विकसित होगी। यह कार्यक्रम निश्चित रूप से बिहार की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। https://deshajtimes.com/news/national/
इस तरह के आयोजनों से राज्य में कला और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है और बच्चों को अपनी प्रतिभा को निखारने का प्रोत्साहन मिलता है। किलकारी बिहार बाल भवन, जो स्वयं बच्चों की रचनात्मकता को पोषित करने का एक प्रमुख केंद्र है, इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की मेजबानी करके एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में भी बिहार से कई और कलाकार और सांस्कृतिक दूत निकलें।





