
Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी मानो कागज़ पर उकेरी एक लकीर भर रह गई है, जिसे कब, कौन, कहाँ लांघ जाए, कोई नहीं जानता। ताज़ा मामला लखीसराय से है, जहाँ पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर इस कड़वी हकीकत को सामने ला दिया है।
Bihar Liquor Ban: लखीसराय में ठुमकों के बीच टूटी शराबबंदी की दीवार, नशे में धुत 5 आर्केस्ट्रा डांसर गिरफ्तार
Bihar Liquor Ban: क्या लखीसराय में शराबबंदी सिर्फ दिखावा?
पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में कानून की अनदेखी एक बार फिर सामने आई है। लखीसराय जिले में पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर पांच आर्केस्ट्रा डांसरों को नशे की हालत में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शराबबंदी कानून को लेकर प्रशासन की मुस्तैदी पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू है। इन युवतियों की गिरफ्तारी के बाद अवैध शराब के नेटवर्क पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
गिरफ्तार की गई सभी पांच आर्केस्ट्रा डांसर पश्चिम बंगाल से बिहार आई थीं। उनके नशे में होने की पुष्टि मेडिकल जांच से हुई है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राज्य में अभी भी अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सवाल उठता है कि जब राज्य में शराब की बिक्री और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है, तो ये युवतियां शराब कहाँ से और कैसे प्राप्त कर पाईं? यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाती है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन डांसरों का इस्तेमाल शायद शराब माफिया अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कर रहे थे, या फिर इन्हें शराब आसानी से उपलब्ध हो रही थी, जो बड़े स्तर पर अवैध शराब के प्रवाह का संकेत है। शराबबंदी को सफल बनाने के लिए पुलिस और उत्पाद विभाग को ऐसे मामलों की तह तक जाकर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करना होगा।
नशे में धुत होकर नाचती युवतियां: बंगाल से कनेक्शन और नेटवर्क पर सवाल
इस मामले ने न केवल लखीसराय, बल्कि पूरे बिहार में शराबबंदी के क्रियान्वयन पर बहस छेड़ दी है। शराबबंदी को लागू हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन ऐसे मामले लगातार सामने आते रहते हैं, जो कानून की प्रभावशीलता पर संदेह पैदा करते हैं। बंगाल से युवतियों का आकर यहां नशे में धुत पाया जाना, यह दर्शाता है कि शराब तस्करों का नेटवर्क राज्य की सीमाओं से बाहर तक फैला हुआ है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। बिहार पुलिस और उत्पाद विभाग को न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर भी इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए कमर कसनी होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कठोर कार्रवाई और जनता की जागरूकता ही इस गंभीर समस्या का समाधान कर सकती है।




