

Bihar News: Land for Jobs Scam:Land for Jobs Scam: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में आज एक ऐसा मामला गूंज रहा है, जिसकी परतें दशकों पुरानी राजनीति और सत्ता के गलियारों से निकलकर सीधे जनता के सामने आ रही हैं। यह मामला सिर्फ एक घोटाले से कहीं बढ़कर है, यह देश की न्यायिक प्रक्रिया और राजनेताओं की जवाबदेही की अग्निपरीक्षा भी है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब्स मामले की अहम सुनवाई के लिए पेश हो रहे हैं। यह सुनवाई दोनों नेताओं के राजनीतिक भविष्य और कानूनी स्थिति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रविवार शाम को ही लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे, ताकि वे समय पर अदालत में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें।
यह मामला तब सामने आया था जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। उन पर आरोप है कि रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले लोगों से जमीन ली गई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की गहन जांच कर रही है और कई प्रभावशाली लोगों के नाम इस मामले से जुड़ चुके हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पूरे मामले में सीबीआई ने कई दौर की पूछताछ भी की है और अब मामला अदालत में निर्णायक मोड़ पर है।
Land for Jobs Scam: क्या है पूरा मामला?
‘लैंड फॉर जॉब्स’ घोटाला, जिसे कुछ हलकों में रेलवे भर्ती घोटाला भी कहा जाता है, साल 2004 से 2009 के बीच का है। उस दौरान लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीनें हथियाने के बदले कथित तौर पर लोगों को रेलवे में नौकरियां दीं। आरोप है कि यह जमीनें या तो लालू के परिवार के नाम पर सीधे खरीदी गईं या बेहद कम कीमत पर ली गईं। बदले में योग्य उम्मीदवारों के बजाय उन लोगों को रेलवे में नियुक्ति दी गई, जिन्होंने जमीनें दी थीं।
सीबीआई ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, उनकी बेटी मीसा भारती सहित कई अन्य व्यक्तियों और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें सत्ता का दुरुपयोग कर आर्थिक लाभ कमाया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सीबीआई की जांच और नेताओं की प्रतिक्रिया
सीबीआई ने इस मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की है और सबूत जुटाए हैं। लालू परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि यह उन्हें परेशान करने और उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की कोशिश है। हालांकि, जांच एजेंसियां लगातार अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं। अदालत में आज की सुनवाई के दौरान आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले में कई गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, जो जांच को एक नई दिशा दे सकते हैं।
यह मामला भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को दर्शाता है और यह भी बताता है कि कैसे जांच एजेंसियां हाई-प्रोफाइल मामलों में अपनी कार्रवाई करती हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट का यह फैसला आने वाले दिनों में बिहार और राष्ट्रीय राजनीति पर गहरा असर डाल सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


