पटना से बड़ी ख़बर:
पटना की सियासत में एक बंगला बवंडर का केंद्र बन गया है. ऐसा बंगला जिसकी अभी दीवारें ही खड़ी हो रही हैं, लेकिन उसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है. सवाल उठ रहे हैं कि ये लालू-राबड़ी का नया आशियाना है या सियासी आरोपों का नया ठिकाना?
महुआबाग में आलीशान बंगला, सियासत में उबाल
पटना के महुआबाग इलाके में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का एक नया और आलीशान आवास तैयार हो रहा है. जैसे ही इस निर्माणाधीन बंगले की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, बिहार की राजनीति का तापमान अचानक बढ़ गया. अभी बंगले का ढांचा ही खड़ा हुआ है, लेकिन इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर दिल्ली से लेकर पटना तक शुरू हो चुका है.
यह बंगला अपने निर्माण के साथ ही राजनीतिक दलों के लिए एक नया मोर्चा बन गया है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे लेकर लालू परिवार पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं, वहीं आरजेडी इसे कानूनी तौर पर जायज और पुरानी संपत्ति बता रही है.
बीजेपी का सीधा हमला- ‘यह लूट का महल है’
विपक्षी दल, खासकर बीजेपी, इस बंगले को लालू परिवार के कथित भ्रष्टाचार से जोड़कर देख रही है. बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि इस ‘महल’ जैसे बंगले के निर्माण के लिए पैसा कहाँ से आ रहा है. उन्होंने इसे ‘लूट का महल’ तक कह डाला है.
बीजेपी की ओर से ये आरोप लगाए जा रहे हैं कि कहीं इस बंगले का संबंध उन मामलों से तो नहीं है, जिनकी जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं. इन आरोपों ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें विकास और गवर्नेंस के मुद्दों से ज्यादा व्यक्तिगत हमले हावी हो गए हैं.
RJD का पलटवार- ‘पुराने प्लॉट पर बन रहा घर’
दूसरी ओर, आरजेडी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. पार्टी का कहना है कि यह निर्माण पूरी तरह से कानूनी है और जिस जमीन पर यह बंगला बन रहा है, वह काफी पुरानी है. आरजेडी नेताओं का तर्क है कि बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे लालू परिवार को बदनाम करने के लिए निराधार आरोप लगा रहे हैं.
आरजेडी के अनुसार:
- यह जमीन काफी पहले खरीदी गई थी, जिसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है.
- निर्माण के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है.
- बीजेपी जानबूझकर पुराने मामलों को उछालकर जनता का ध्यान भटकाना चाहती है.
आरोपों के केंद्र में क्यों है लालू परिवार?
यह पहली बार नहीं है जब लालू परिवार पर इस तरह के आरोप लगे हैं. लालू परिवार पहले से ही कई मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियों, जैसे ईडी और सीबीआई, की जांच का सामना कर रहा है. खासकर ‘नौकरी के बदले जमीन’ मामले ने काफी तूल पकड़ा था. यही वजह है कि जब भी लालू परिवार कोई नई संपत्ति अर्जित करता है या निर्माण कराता है, तो राजनीतिक विरोधियों को सवाल उठाने का मौका मिल जाता है.
फिलहाल, यह बंगला सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का नया हॉटस्पॉट बन गया है. जैसे-जैसे इसका निर्माण पूरा होगा, वैसे-वैसे इस पर होने वाली सियासत के और भी तेज होने की संभावना है.





