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Madhubani से पाकिस्तानी कनेक्शन? यहां की SIM कैसे पहुंची उस पार, जांच में बड़े खुलासे; दरभंगा, भागलपुर तक फैला था नेटवर्क, हर 2-3 महीने पर हो जाता था ‘गायब’

Madhubani News: बिहार और मध्य प्रदेश एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में नूर-ए-मोहम्मदिया मदरसे के शिक्षक इजहारुल हक को दबोचा गया है। उस पर मदरसे के बच्चों को देशविरोधी गतिविधियों की तालीम देने का भी गंभीर आरोप है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

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Madhubani News: मधुबनी: जिले के नूर-ए-मोहम्मदिया मदरसे के एक शिक्षक इजहारुल हक को भारतीय सिमकार्ड पाकिस्तानी हैंडलरों तक पहुंचाने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। इजहारुल पर मदरसे के बच्चों को देशविरोधी गतिविधियों की तालीम देने का भी आरोप है, जिसकी जांच की जा रही है।

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शिक्षक इजहारुल हक की गिरफ्तारी और आरोप

बिहार और मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त कार्रवाई में 15 जून 2026 को इजहारुल हक को गिरफ्तार किया गया। उस पर आरोप है कि वह बिहार के अलग-अलग जिलों से खरीदे गए भारतीय सिमकार्ड पाकिस्तानी हैंडलरों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क का हिस्सा था। सुरक्षा एजेंसियों को इजहारुल से पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां मिली हैं, जो इस पूरे नेटवर्क के खुलासे में मददगार साबित हो सकती हैं।

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दरभंगा, मधुबनी, भागलपुर… कहां तक फैला था नेटवर्क?

अब समझिए… सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि इजहारुल आधार कार्ड की जुगाड़ कर भागलपुर, बांका, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा और मधुबनी समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में सिमकार्ड खरीदवाता था। इन सिमकार्डों को वह नेपाल में मौजूद अपने एजेंटों तक पहुंचाता, जहां से उन्हें पाकिस्तानी संपर्कों को उपलब्ध कराया जाता था।

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मदरसे पर लगे गंभीर आरोप

नूर-ए-मोहम्मदिया मदरसे के शिक्षक इजहारुल हक की गिरफ्तारी ने मदरसे की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि वह मदरसे के बच्चों को देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने की तालीम दे रहा था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां गहनता से जांच कर रही हैं। इस नेटवर्क के तार कहां तक फैले हैं और इसमें कौन-कौन शामिल है, इसका पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।

इस गिरफ्तारी से यह भी साफ होता है कि देशविरोधी ताकतें भारतीय सिमकार्ड का इस्तेमाल कर अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी सफलता है, जिससे ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी। मामले की विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद कई और खुलासे होने की उम्मीद है।

…अचानक बिहार से बाहर चला जाता था?

जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इजहारुल ने पटना से पासपोर्ट बनवाया था। उसके बारे में यह भी सामने आया है कि वह मधुबनी में दो-तीन माह रहने के बाद अचानक बिहार से बाहर चला जाता था।

उसके अधिकांश दौरे नेपाल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के होते थे। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि वह मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को कथित रूप से देशविरोधी गतिविधियों से जुड़ी विचारधारा और प्रशिक्षण देने का प्रयास करता था। उसके संपर्कों, यात्राओं और गतिविधियों की विस्तृत जांच जारी है।

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