back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 13, 2026
spot_img

Maharashtra Politics: शिंदे खेमा क्यों छुपा रहा अपने पार्षदों को?

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Maharashtra Politics: सियासत की बिसात पर मोहरों की चालें बिछाई जा रही हैं, कौन सा मोहरा कहां फंसेगा, यह वक्त बताएगा। मुंबई में सियासी खेल एक बार फिर गरमा गया है।

- Advertisement -

महाराष्ट्र की राजनीति: शिंदे खेमा क्यों छुपा रहा है अपने पार्षदों को?

- Advertisement -

महाराष्ट्र की राजनीति: रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का नया अध्याय

- Advertisement -

महाराष्ट्र की राजनीति में, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव परिणाम आने के बाद एक नया सियासी ड्रामा शुरू हो गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने सभी 29 पार्षदों को एक आलीशान होटल में शिफ्ट कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मुंबई में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनता दिख रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन पार्षदों को कुछ दिनों के लिए होटल में ही रखा जाएगा, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर शिंदे को किस बात का डर सता रहा है और उन्हें अपने पार्षदों को इस तरह ‘बंधक’ बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?

सियासी गलियारों में चर्चा है कि शिंदे गुट को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से अपने पार्षदों के टूट कर जाने का डर है। बीएमसी चुनावों के बाद अक्सर ऐसी घटनाएं देखी जाती हैं, जहां विभिन्न दल दूसरे दलों के पार्षदों को अपने पाले में लाने की कोशिश करते हैं। इसी ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की आशंका को देखते हुए शिंदे ने यह एहतियाती कदम उठाया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

पार्षदों को होटल में रखने की वजह

पार्षदों को होटल में रखने का मुख्य उद्देश्य उन्हें बाहरी संपर्क से दूर रखना और उनकी एकजुटता बनाए रखना है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पार्षद पाला न बदले, उन्हें एक साथ एक ही छत के नीचे रखा गया है। यह ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ भारत की राजनीति में कोई नई बात नहीं है, लेकिन मुंबई जैसे महानगर में बीएमसी चुनावों के बाद इसका दिखना राज्य की राजनीति में आगामी उथल-पुथल का संकेत देता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें:  Bihar Women Employment Scheme: बिहार महिला रोजगार योजना की जानिए कब आएगी दूसरी किस्त, खातों में पहुंचेंगे 20 हजार रुपए!

सूत्रों के अनुसार, शिंदे खेमा अपने पार्षदों की पूरी निगरानी कर रहा है और उन्हें किसी भी बाहरी प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रहा है। यह कदम तब और महत्वपूर्ण हो जाता है जब महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन के भीतर भी विभिन्न गुटों के बीच खींचतान की खबरें आती रहती हैं। आने वाले दिनों में बीएमसी के समीकरण और महाराष्ट्र की राजनीतिक दिशा तय होगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

10 लाख से कम में बेहतरीन Compact SUV का सपना अब होगा पूरा, देखें ये शानदार विकल्प!

Compact SUV: आज के दौर में जब हर कोई अपनी ड्राइविंग को और भी...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें