
महात्मा गांधी सेतु: उत्तर बिहार और पटना को जोड़ने वाली जीवन रेखा महात्मा गांधी सेतु एक बार फिर भीषण जाम की चपेट में आ गया है। शुक्रवार सुबह हाजीपुर से पटना जाने वाली पश्चिमी लेन पर लगे लंबे जाम से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी, जिससे दैनिक यात्रियों का सुबह का सफर ठप पड़ गया।
सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ यह जाम लगभग दो घंटे तक बना रहा, जो पाया संख्या 27 के पास से शुरू होकर करीब दो किलोमीटर तक फैल गया था। इस दौरान बस, ट्रक, ऑटो, निजी वाहन और बाइक सवार घंटों तक फंसे रहे। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बसें और अन्य दैनिक यात्री समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए। लोग इस स्थिति से त्रस्त नजर आए और प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पैदल चलने को मजबूर हुए मजदूर
जाम की स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि कई मजदूर और साइकिल सवार अपनी साइकिलों को कंधे या हाथों में उठाकर फुटपाथ से पैदल ही पुल पार करने को मजबूर हो गए। पुल पर पैदल चलते लोगों की लंबी कतार देखी गई। मजदूरों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि रोजी-रोटी के लिए समय पर पटना पहुंचना उनकी मजबूरी है, लेकिन लगातार लग रहे इस ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
महात्मा गांधी सेतु पर चौड़ीकरण का कार्य बना वजह
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के अनुसार, पटना छोर पर चल रहा चौड़ीकरण और निर्माण कार्य इस जाम का एक बड़ा कारण है। निर्माण के कारण सड़क कई जगहों पर संकरी हो गई है और वाहनों का आवागमन केवल एक लेन से हो रहा है। सुबह के व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ ही जाम लगना एक आम बात हो गई है। यात्रियों ने प्रशासन और पुल निर्माण एजेंसी से अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण को बेहतर बनाया जाए ताकि आम लोगों को कुछ राहत मिल सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
लगातार हो रहे इस जाम से लोगों में गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि महात्मा गांधी सेतु उत्तर बिहार की जीवनरेखा है, लेकिन आए दिन लगने वाले जाम से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रशासन को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और स्थायी समाधान खोजना चाहिए।






