
बिहार में बड़ा प्रशासनिक झटका! डॉ. एस. सिद्धार्थ बने नया विकास आयुक्त, कई IAS अफसरों की बदली जिम्मेदारी। राज्य की नीतियों पर होगा असर! डॉ. एस. सिद्धार्थ को मिली विकास आयुक्त की जिम्मेदारी। शिक्षा विभाग की कमान डॉ. बी. राजेंद्र के हाथ में, IAS अधिकारियों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार। 1 सितंबर से लागू होगा बड़ा बदलाव! बिहार सरकार ने किया IAS अधिकारियों का तबादला और अतिरिक्त प्रभार@पटना,देशज टाइम्स।
बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: डॉ. एस. सिद्धार्थ बने नए विकास आयुक्त, कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
पटना, देशज टाइम्स। बिहार सरकार ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पांच वरिष्ठ IAS अधिकारियों का तबादला और अतिरिक्त प्रभार सौंपने की अधिसूचना जारी की। इस फेरबदल में सबसे बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं मंत्रिमंडल समन्वय विभाग के अपर मुख्य सचिव रहे डॉ. एस. सिद्धार्थ का है। उन्हें अब राज्य का विकास आयुक्त (Development Commissioner, Bihar) नियुक्त किया गया है।
डॉ. एस. सिद्धार्थ का प्रोफाइल और अनुभव
डॉ. एस. सिद्धार्थ 1991 बैच के IAS अधिकारी हैं। उनकी सेवा अवधि 30 नवंबर 2025 तक है। विकास आयुक्त का पद राज्य की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाता है।डॉ. सिद्धार्थ की नियुक्ति को बिहार प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विकास आयुक्त के रूप में डॉ. सिद्धार्थ की भूमिका राज्य के विकास और योजना क्रियान्वयन में नई दिशा देने वाली होगी।
शिक्षा विभाग में नए अपर मुख्य सचिव
इसके साथ ही शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार अब डॉ. बी. राजेंद्र को सौंपा गया है। डॉ. बी. राजेंद्र 1995 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे पहले से ही सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत हैं। उनके पास जन शिकायत निवारण, खेल विभाग, BPSMS (Bihar Administrative Reforms Mission Society) और BIPARD (Bihar Institute of Public Administration and Rural Development) के महानिदेशक की जिम्मेदारी भी है। शिक्षा विभाग की कमान संभालने के बाद उनका प्रशासनिक दायरा और व्यापक हो गया है।
अन्य IAS अधिकारियों की नई जिम्मेदारी
सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना में कुल पांच वरिष्ठ IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है:
दो अधिकारियों का तबादला किया गया। तीन अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। यह नई व्यवस्था 1 सितंबर 2025 से लागू होगी। इस फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को और सक्षम और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के प्रशासनिक फेरबदल राज्य की नीतियों के सफल क्रियान्वयन और योजना प्रबंधन में नवीनता और दक्षता लाने में मदद करते हैं।
डॉ. एस. सिद्धार्थ के विकास आयुक्त बनने से राज्य विकास परियोजनाओं और संसाधन आवंटन पर विशेष ध्यान मिलेगा। डॉ. बी. राजेंद्र की शिक्षा विभाग में नियुक्ति से शैक्षिक नीतियों और सुधार योजनाओं की कार्यकुशलता बढ़ेगी।
IAS अधिकारियों की भूमिकाओं को
बिहार में यह प्रशासनिक फेरबदल न केवल राज्य के IAS अधिकारियों की भूमिकाओं को मजबूत करता है, बल्कि विकास और शिक्षा के क्षेत्र में रणनीतिक सुधारों को लागू करने का अवसर भी प्रदान करता है।
विशेषकर विकास आयुक्त और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बदलाव से यह उम्मीद की जा रही है कि राज्य में योजनाओं का क्रियान्वयन और जनसामान्य तक लाभ पहुँचाना अधिक प्रभावी होगा।