Mangal Pandey News: दिल्ली में हाल ही में हुए इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने विपक्षी एकता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस गठबंधन को एक ‘बेमेल राजनीतिक मंच’ करार दिया है।
पूर्व मंत्री ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि इंडिया गठबंधन एक ऐसा राजनीतिक मंच है जहां शामिल सभी दल केवल अपने-अपने हितों को साधने के लिए एक साथ आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन के भीतर लगातार मतभेद बढ़ रहे हैं, जिसके कारण कई सहयोगी दल इससे दूरी बना रहे हैं। यह बयान उस समय सामने आया है जब विपक्षी दल राष्ट्रीय राजधानी में अपनी आगामी राजनीतिक रणनीति पर गहन चर्चा के लिए एकत्र हुए थे।
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इंडिया गठबंधन पर मंगल पांडे का करारा हमला
मंगल पांडे ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में इंडिया गठबंधन के भीतर कई बार गहरी असहमति देखने को मिली है। उनके अनुसार, इस गठबंधन में अधिकतर राजनीतिक दल परिवारवाद पर आधारित हैं और उनका प्राथमिक लक्ष्य सिर्फ सत्ता हासिल करना है। पांडे ने आरोप लगाया कि एक साझा विचारधारा की कमी के कारण यह गठबंधन लंबे समय तक एकजुट और मजबूत नहीं रह सकता।
उन्होंने DMK के दिल्ली बैठक से दूर रहने पर भी सवाल उठाया। पांडे ने कहा कि यह घटना विपक्षी एकता के दावों की पोल खोलती है और गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक न होने का संकेत देती है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर आज एक दल बाहर है, तो भविष्य में कोई और दल भी अपनी अलग राह चुन सकता है, जो गठबंधन की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
सुरक्षा कटौती और अवसरवादी राजनीति के आरोप
दिल्ली में हुई बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में गरमाई बयानबाजी के बीच, मंगल पांडे ने विपक्ष पर अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में भिन्न राजनीतिक हित रखने वाले दल राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ आने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर उनके बीच कई मुद्दों पर गंभीर मतभेद कायम हैं। यह INDIA Alliance News केवल दिखावा है।
लालू परिवार की सुरक्षा में कथित कटौती के मसले पर भी पूर्व मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी निर्णय एक प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही लिए जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन सभी तथ्यों का बारीकी से मूल्यांकन करते हैं, और इसी आधार पर किसी व्यक्ति की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव या कोई अन्य फैसला लिया जाता है। पांडे ने विश्वास दिलाया कि इस मामले में प्रशासन जो भी निर्णय लेगा, वह स्थापित प्रक्रियाओं के पूरी तरह अनुकूल होगा।
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LPG कीमतों पर सरकार का बचाव
घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि से जुड़े सवाल के जवाब में मंगल पांडे ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं। ऐसे माहौल का सीधा असर ऊर्जा क्षेत्र पर भी पड़ता है, जिसके कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है।
पांडे ने यह भी कहा कि इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, भारत में महंगाई की स्थिति दुनिया के कई अन्य देशों की तुलना में काफी हद तक नियंत्रित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों को ध्यान में रखते हुए ही विभिन्न आर्थिक निर्णय लिए जाते हैं। सरकार का मुख्य ध्यान आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम रखने और देश में आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने पर है।
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पूर्व मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता रहती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ सीधे तौर पर उपभोक्ताओं पर कम से कम पड़े। इसके लिए विभिन्न नीतियों और सब्सिडी योजनाओं का सहारा लिया जाता है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर विपरीत प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।







