

मोतिहारी बाजार समिति: राजनीति की बिसात पर, कृषि मंडियों की चालें एक बार फिर बिछाई जा रही हैं, जहां किसानों और व्यापारियों का भविष्य दांव पर है। बिहार की सियासत में एक बार फिर कृषि और बाजार समिति से जुड़ा मुद्दा जोर पकड़ता दिख रहा है।
मोतिहारी बाजार समिति: बिहार की सियासत में फिर गरमाया कृषि मंडियों का मुद्दा, विधायक ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
मोतिहारी बाजार समिति का मुद्दा विधानसभा में
बिहार विधानसभा के हालिया सत्र में मोतिहारी बाजार समिति में निर्मित दुकानों के आवंटन का सवाल प्रमुखता से उठा। भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि तैयार दुकानों का आवंटन क्यों नहीं किया जा रहा है। यह मामला केवल दुकान आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि व्यवस्था के तहत बाजारों के उचित संचालन और व्यापारियों के हितों से भी जुड़ा है। इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी पर विपक्ष लगातार हमलावर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विधायक प्रमोद कुमार ने विधानसभा में अपनी बात रखते हुए कहा कि मोतिहारी बाजार समिति में कुल 51 दुकानें तैयार हैं, लेकिन उनका आवंटन पिछले कई महीनों से लंबित है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सरकार की सफाई और आवंटन में देरी का कारण
सरकार की ओर से सहकारिता मंत्री ने जवाब दिया कि दुकानों का उचित तरीके से दुकान आवंटन सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इन दुकानों का आवंटन कर दिया जाएगा। हालांकि, विपक्ष इस देरी को लेकर सवाल उठा रहा है, और इसमें भ्रष्टाचार की आशंका भी व्यक्त कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा और कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। उनका दावा है कि जल्द ही सभी नियमों का पालन करते हुए आवंटन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार कब तक इस विवादित मामले को सुलझा पाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



