
रेलवे दोहरीकरण परियोजना: बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! मुजफ्फरपुर समेत कई महत्वपूर्ण रेलखंडों पर दोहरीकरण का काम जल्द ही शुरू होने वाला है, जिससे सफर आसान और तेज़ हो जाएगा। नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेलखंडों पर दोहरीकरण की यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अंतिम चरण के भूमि सर्वेक्षण कार्य (एफएलएस) के बाद आगे बढ़ेगी।
सर्वेक्षण का काम अंतिम चरण में
पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, इन रेलखंडों पर रेलवे दोहरीकरण परियोजना के लिए अंतिम भूमि सर्वेक्षण कार्य (FLS) अगले तीन महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, और फिर ट्रैक बिछाने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पूर्व मध्य रेलवे की वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही रिपोर्ट में बताया गया है कि नई दिल्ली की मैट्रिक्स जिओ सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सर्वेक्षण का 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य को अगले तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2020 में केंद्र सरकार को इस परियोजना का प्रस्ताव सौंपा था, जिसे अक्टूबर 2024 में मंजूरी मिली थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
यह रेलवे दोहरीकरण परियोजना लगभग 4,553 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होगी। दोहरीकरण होने से ट्रेनों की लेटलतीफी से मुक्ति मिलेगी और ट्रेनों की संख्या में भी वृद्धि होगी। इससे रेल यात्री को अपने गंतव्य तक पहुंचने में लगने वाले समय की भी काफी बचत होगी। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, इसी वित्तीय वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा और जल्द ही निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






