
आईटी हब: बिहार के युवाओं के लिए एक शानदार खबर है! नालंदा जिले के इस्लामपुर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है, जो राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र को नई पहचान देगा। यह पहल न सिर्फ बिहार में आईटी सेक्टर को मजबूती देगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
नालंदा जिले के इस्लामपुर से बिहार के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को नई पहचान देने की दिशा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) सह अत्याधुनिक डिजिटल केंद्र स्थापित करने की तैयारी जोरों पर है। केरल के प्रसिद्ध उद्यमी और ग्रो क्यूआर के प्रमोटर बिबिन बाबू ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान इस्लामपुर विधायक रूहेल रंजन भी मौजूद रहे। बैठक में बिहार में आईटी निवेश, तकनीकी आधारभूत संरचना और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बिहार बनेगा IT Hub: हजारों युवाओं को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार
प्रस्तावित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर शुरू होने के बाद करीब 2500 से अधिक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य पेशेवरों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा, हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से भी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पहल बिहार को एक प्रमुख आईटी हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
वैश्विक कंपनियों को मिलेंगी सेवाएं, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को बढ़ावा
यह अत्याधुनिक केंद्र अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप समेत कई देशों की कंपनियों को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजिटल सॉल्यूशन, बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट और तकनीकी परामर्श जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह परियोजना सफल होती है, तो नालंदा और आसपास के जिलों के युवाओं को नौकरी के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बिहार में आईटी सेक्टर के विस्तार की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







