
Nalanda Medical College: राजधानी पटना के प्रतिष्ठित नालंदा मेडिकल कॉलेज में पूर्व छात्रों के दिलों को जोड़ने और भविष्य की राहें आसान बनाने की एक नई इबारत लिखी गई है। अब यह संस्थान सिर्फ डिग्री देने वाला केंद्र नहीं, बल्कि एक जीवंत समुदाय के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा, जहां अनुभव और युवा ऊर्जा का संगम होगा।
Nalanda Medical College: पूर्व छात्रों का नया ठिकाना
मंगलवार को बिहार के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शुमार नालंदा मेडिकल कॉलेज (एनएमसी) में पूर्व छात्रों के नेटवर्क को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। Nalanda Medical College Alumni Society के नए कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया, जो अब यहां के पूर्व छात्र-छात्राओं के लिए एक साझा मंच और सेतु का काम करेगा। इस मौके पर एनएमसी एलुमनाई सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. दिवाकर तेजस्वी और कॉलेज की प्राचार्या डॉ. माधुरी कुमारी समेत कई गणमान्य चिकित्सक, शिक्षक और पूर्व छात्र मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पहल का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करना और अनुभवी चिकित्सकों के ज्ञान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है।
भविष्य की दिशा और उद्देश्य
सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने इस अवसर पर कहा कि यह कार्यालय सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि पूर्व छात्रों की एकजुटता और कॉलेज के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह मंच पूर्व छात्र संघ को संगठित करेगा, ताकि वे कॉलेज के विकास और वर्तमान छात्रों के मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभा सकें। प्राचार्या डॉ. माधुरी कुमारी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व छात्रों का अनुभव कॉलेज के लिए अमूल्य निधि है और यह नया कार्यालय इस निधि का सही उपयोग सुनिश्चित करेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह कार्यालय सेमिनार, कार्यशालाएं और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए भी एक केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जिससे न केवल छात्रों को लाभ होगा, बल्कि समाज को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी। इस कदम से नालंदा मेडिकल कॉलेज का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचा होगा। यह पहल, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, पूर्व छात्रों के बीच संवाद को बढ़ावा देगी और उन्हें अपने अनुभवों को साझा करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे नए डॉक्टर्स को बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा। सोसाइटी का लक्ष्य है कि पूर्व छात्रों का यह नेटवर्क ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ को फिर से स्थापित करे और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को प्रोत्साहित करे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




