spot_img

बिहार के लाखों राशन कार्डधारकों पर संकट: ई-केवाईसी न होने पर बंद होगा मुफ्त राशन, जानें पूरी खबर!

नालंदा जिले में लाखों राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, लेकिन 4 लाख से अधिक ने नहीं पूरी की प्रक्रिया। बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी प्रशासन चिंतित, 30 जून तक सत्यापन न होने पर बंद हो सकता है मुफ्त राशन, जानिए क्या है पूरा मामला।

spot_img
- Advertisement -

बिहार के लाखों राशन कार्डधारकों पर संकट: ई-केवाईसी न होने पर बंद होगा मुफ्त राशन, मिली जानकारी के अनुसार बिहार के नालंदा जिले में बड़ी संख्या में राशन कार्डधारकों पर मुफ्त राशन बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। लाखों पात्र लाभुकों ने अभी तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। प्रशासन ने इन सभी से 30 जून तक यह अनिवार्य प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। समय सीमा के भीतर सत्यापन न होने पर उनका राशन बंद किया जा सकता है, जिससे वे सरकार की महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित हो जाएंगे।

- Advertisement -

नालंदा जिले में कुल 23 लाख 65 हजार 346 राशन कार्डधारक हैं। इनमें से अब तक केवल 19 लाख 50 हजार 429 लोगों का ही ई-केवाईसी हो पाया है। इसका मतलब है कि जिले के लगभग 4 लाख 14 हजार 917 लाभार्थियों ने अभी तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है। यह आंकड़ा चिंताजनक है और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत करता है।

- Advertisement -

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -

ई-केवाईसी क्यों है जरूरी? फर्जीवाड़ा रोकने का उपाय

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य किया है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि केवल पात्र व्यक्तियों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। अधिकारियों का कहना है कि इसके माध्यम से डुप्लीकेट और मृत लाभार्थियों की पहचान करके उन्हें सूची से हटाया जा सकेगा।

ई-केवाईसी आधार से जुड़ा होने के कारण ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना को भी मजबूती मिलती है। इससे लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकते हैं। इस कदम से वास्तविक जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंच सकेगा और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।

ई-केवाईसी के लिए समय सीमा कई बार बढ़ाई गई है। दिसंबर 2025 में विशेष अभियान चलाए जाने के बाद फरवरी, मार्च, अप्रैल और जून 2026 तक इसकी अंतिम तिथियों में लगातार वृद्धि की गई। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में लाभुक अभी भी पीछे हैं। प्रशासन ने अब 30 जून को अंतिम अवसर बताते हुए सभी कार्डधारियों से जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है।

किस प्रखंड में कितने लाभुक हैं पीछे? जानें पूरा आंकड़ा

जिले के कुल लाभार्थियों में से लगभग 17 प्रतिशत लोग अभी भी ई-केवाईसी से वंचित हैं। कुछ प्रखंडों में यह स्थिति और भी गंभीर है। बिहारशरीफ, हरनौत, करायपरसुराय और नगरनौसा जैसे प्रखंडों में 80 प्रतिशत से भी कम लाभार्थियों का सत्यापन हो पाया है। यह दर्शाता है कि इन क्षेत्रों में जागरूकता और प्रक्रिया को पूरा करने की गति धीमी है।

यह भी पढ़ें:  Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों की बंपर भर्ती! जल्दी से जान लीजिए पूरी डिटेल

दूसरी ओर, परवलपुर, बेन, नूरसराय और चंडी प्रखंडों ने ई-केवाईसी के मामले में बेहतर प्रदर्शन किया है। वहां अधिकांश लाभार्थियों ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिससे वे मुफ्त राशन योजना का लाभ बिना किसी बाधा के ले पा रहे हैं। Biharsharif eKYC News इस संदर्भ में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस प्रखंड में सबसे अधिक लाभार्थी वंचित हैं।

यह भी पढ़ें:  Patna Fire Safety News: अस्पताल, होटल सावधान! सरकार का बड़ा फैसला, एक हफ्ते के अंदर पूरा करना होगा यह ‘ होमवर्क ’ नहीं तो... होगी बड़ी कार्रवाई! जानिए

जिला आपूर्ति पदाधिकारी सोमनाथ सिंह ने जानकारी दी कि लाभार्थी अपने नजदीकी जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेता के पास जाकर फिंगरप्रिंट के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मोबाइल ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे प्रक्रिया को और सुगम बनाया जा सके। निर्धारित तिथि तक प्रक्रिया पूरी न होने पर संबंधित राशन कार्ड से नाम हटाने की कार्रवाई की जा सकती है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, बिहारशरीफ में ई-केवाईसी के सर्वाधिक 83 हजार 18 मामले लंबित हैं। इसके बाद हरनौत में 31 हजार 390 और इस्लामपुर में 26 हजार 785 लाभार्थियों का सत्यापन बाकी है। परवलपुर में यह संख्या केवल 6 हजार 991 है, जबकि कतरीसराय में सबसे कम 5 हजार 173 लाभार्थियों का ई-केवाईसी लंबित है। ये आंकड़े प्रशासन के लिए चुनौती पेश करते हैं और लक्षित अभियान की आवश्यकता को दर्शाते हैं।

मृत लाभुकों के नाम हटाने का अभियान भी तेज

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए जिले में एक विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत मृत राशन कार्डधारकों की पहचान कर उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। नवंबर 2025 की एक रिपोर्ट के आधार पर 29 हजार 732 मृत कार्डधारकों की पहचान की गई थी। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत के नाम या तो हटा दिए गए हैं या उन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही है।

यह भी पढ़ें:  Patna Khan Sir News: खान सर विवाद में चौंकाने वाला खुलासा! वायरल वीडियो ने पलटा पूरा मामला, पुलिस ने उठाये दो लोग

जिला प्रशासन के अनुसार, राजगीर और बिहारशरीफ अनुमंडल में यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि फर्जी नामों को हटाकर वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। बिहारशरीफ प्रखंड में सर्वाधिक 4 हजार 426 मृत लाभार्थियों की पहचान की गई थी, जबकि कतरीसराय में यह संख्या सबसे कम 463 थी। अधिकारियों को शेष मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वितरण प्रणाली को और अधिक कुशल बनाया जा सके।

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

इस अभियान और ई-केवाईसी के माध्यम से नालंदा जिले में राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सभी पात्र लाभार्थियों से अपील है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके और उन्हें मुफ्त राशन का लाभ मिलता रहे।

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Shilpa Shinde News: अंगूरी भाभी का बड़ा यू-टर्न! 9 साल बाद बोलीं- झूठा था यौन उत्पीड़न वाला आरोप’, कहा – ‘ मैं करना चाहती...

टेलीविजन अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने नौ साल बाद कबूल किया है कि उन्होंने 'भाभीजी घर पर हैं' के निर्माता पर यौन उत्पीड़न का जो आरोप लगाया था, वह झूठा था। इस खुलासे#ShilpaShinde,#BhabhijiGharParHain,#TVNews

26.40 करोड़ का नया ब्रिज 10 दिन में धंसा, बिहार में हड़कंप!

रोहतास जिले में 26.40 करोड़ की लागत से बना इटारी रेलवे ओवरब्रिज महज 10 दिन में धंस गया। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसस#RohtasNews,#BiharBridge,#InfrastructureCollapse

Bihar Housing News: बिहार सरकार का बड़ा तोहफा! अब मिलेगा सभी को सस्ता और सुंदर घर, ऐसे करें आवेदन!

बिहार सरकार ने आवास बोर्ड की खाली पड़ी जमीनों पर सस्ते फ्लैट बनाने का फैसला किया है। इससे विभिन्न आय वर्ग के लोगों को किफायती घर मिलेंगे और शहरी विकास को गति मि#BiharHousing,#AffordableFlats,#UrbanDevelopment

IAS Senthil Kumar: सनसनीखेज फैसला! मुंगेर के DM रहे IAS सेंथिल कुमार समेत 4 को मनी लॉन्ड्रिंग से राहत, जानिए कहां फैल हुई ED...

बिहार के चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आईएएस अधिकारी के. सेंथिल कुमार को बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट की पीएमएलए अदालत ने सबूतों के अभाव में उन्हें समे#PatnaIASNews,#SenthilKumar,#MoneyLaunderingCase