

NEET Student Death: सपने बुन रही एक छात्रा की ज़िंदगी ने अचानक विराम ले लिया। भविष्य के दरवाजे पर खड़ी एक किरण अचानक बुझ गई। पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक होनहार छात्रा की रहस्यमयी मौत के मामले में विशेष जांच दल (SIT) रविवार को राजेंद्रनगर रोड नंबर-1 स्थित प्रभात मेमोरियल हीरामती हॉस्पिटल पहुंचा। टीम ने अस्पताल में छात्रा के भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक के सभी महत्वपूर्ण कागजात खंगाले और उन्हें जब्त कर लिया। चिकित्सकों द्वारा किए गए इलाज के तरीकों की जांच अब विशेषज्ञों द्वारा गहनता से की जाएगी। एसआईटी ने अस्पताल के डॉक्टरों से लगभग डेढ़ घंटे तक लंबी पूछताछ भी की।
हॉस्पिटल पहुंची SIT, नीट छात्रा की मौत मामले में जुटाए अहम सबूत
एसआईटी ने मृतका के परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की भी बारीकी से पड़ताल की। पूछताछ के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि छात्रा को 6 जनवरी को बेहोशी की अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जिसके बाद उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया। अस्पताल प्रशासन ने दावा किया कि उन्होंने सभी चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया और परिजनों को आईसीयू में जाने की अनुमति भी दी गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि छात्रा को परिजनों की सहमति और इच्छा के अनुसार ही दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस बीच, फॉरेंसिक टीम ने छात्रा के कमरे की गहन फॉरेंसिक जांच की। टीम ने वहां से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें विस्तृत विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, छात्रा के कपड़ों को भी जांच के लिए लैब भेजा गया है, जिससे घटना से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकें।
मोबाइल लोकेशन से खुलेगा मौत का रहस्य
जांच में पता चला है कि 5 जनवरी को छात्रा जहानाबाद से ट्रेन द्वारा पटना आई थी। जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर उसके पिताजी उसे छोड़ने आए थे। उस दिन छात्रा का मोबाइल लोकेशन जहानाबाद से पटना की ओर ही ट्रैक हुआ है। वहीं, इस मामले में गिरफ्तार शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन का मोबाइल लोकेशन भी उसी दिन जहानाबाद से पटना की ओर आने का संकेत दे रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जांच टीम अब इस बिंदु पर गहन छानबीन कर रही है कि मनीष का उसी दिन जहानाबाद से पटना आना महज एक संयोग था या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। मनीष मूल रूप से जहानाबाद जिले का ही निवासी है। पुलिस का कहना है कि मामले की सच्चाई जानने के लिए उसे जल्द ही रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
सहज अस्पताल में भी पहुंची पुलिस
मृतका का प्रारंभिक उपचार राजेंद्रनगर स्थित सहज अस्पताल में हुआ था। पुलिस की एक टीम रविवार को वहां भी पहुंची और डॉक्टरों से पूछताछ की। डॉक्टरों ने बताया कि 6 जनवरी की दोपहर छात्रा को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। चूंकि अस्पताल में आईसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए उसे तुरंत दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी गई। डॉक्टरों ने छात्रा को प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाइयां देकर तुरंत रेफर कर दिया था। पुलिस इस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




