
NEET UG पेपर लीक: देश के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गैंग पर अब CBI का शिकंजा कसने वाला है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द करते हुए मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। बिहार से शुरू हुआ यह रैकेट अब राजस्थान तक पहुंच गया है, जहां बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
NEET UG पेपर लीक: CBI जांच और बिहार में बड़े खुलासे
NEET UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद इसे रद्द कर दिया गया है। इस बड़े खुलासे के बाद NEET यूजी पेपर लीक मामले की गंभीरता को समझते हुए केंद्र सरकार ने इसकी व्यापक जांच सीबीआई को सौंप दी है, ताकि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जा सके। इससे पहले, बिहार पुलिस ने एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया था, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 50 से 60 लाख रुपये तक की डील करता था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जिसमें विम्स मेडिकल कॉलेज का एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, सीतामढ़ी के डॉक्टर नरेश कुमार दास का बेटा हर्षराज भी इस गिरोह में शामिल था।
नालंदा से उजागर हुई धांधली की परतें
यह पूरा मामला 3 मई की रात तब सामने आया, जब बिहार के नालंदा जिले की पावापुरी थाना पुलिस वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने दो लग्जरी गाड़ियों – स्कॉर्पियो-एन और ब्रेजा – को रोककर तलाशी ली, जिसमें कई संदिग्ध दस्तावेज और आईडी कार्ड बरामद हुए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया। जांच के दौरान, सॉल्वर गैंग के कथित मास्टरमाइंड अवधेश कुमार के मोबाइल की जांच की गई, जिससे कई अहम चैट, संपर्क और लेन-देन से जुड़ी जानकारियां सामने आईं। इसके आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर, जमुई और औरंगाबाद समेत कई जिलों में छापेमारी की और पेपर लीक से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग एकत्र किए। पुलिस पूछताछ में अवधेश ने कबूल किया कि यह गिरोह असली अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाने का काम करता था। इसके लिए पहले 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे, जबकि पूरी डील 50 से 60 लाख रुपये तक में तय होती थी। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का संचालन उज्ज्वल राज, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह मिलकर करते थे।
राजस्थान में भी सामने आए चौंकाने वाले सबूत
इस पूरे मामले की जड़ें सिर्फ बिहार तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि राजस्थान में भी NEET यूजी पेपर लीक को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच टीम को कई छात्रों के पास हाथ से लिखे हुए सवाल मिले, जो असली परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा से सिर्फ दो दिन पहले ही 720 में से करीब 600 अंकों के प्रश्न छात्रों तक पहुंच गए थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बताया जा रहा है कि यह प्रश्न केरल के एक मेडिकल छात्र द्वारा सीकर भेजे गए थे। पुलिस ने देहरादून, सीकर और झुंझुनू में कार्रवाई करते हुए 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, इस परीक्षा में 22.79 लाख छात्रों ने भाग लिया था, जो भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में स्थित 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
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