
बिहार की राजनीति में इन दिनों सरगर्मी तेज है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी और चर्चा में रहने वाली रोहिणी आचार्य, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक बार फिर नीतीश कुमार पर तीखी टिप्पणी की है।
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नीतीश कुमार: बिहार की बदहाली के लिए याद किए जाएंगे नीतीश कुमार
रोहिणी आचार्य ने तंज कसते हुए कहा है कि नीतीश कुमार जी को बिहार की बदहाली करने के लिए ही याद किया जाएगा। यह टिप्पणी उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की है, जिसमें उन्होंने नीतीश सरकार के कार्यकाल की कथित विफलताओं को गिनाया है।

नीतीश कुमार को बिहार की बदहाली के लिए ही याद किया जाएगा
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा है, “नीतीश कुमार जी को याद किया जाएगा।” कल से ही कुछ लोग उनके इस बयान को लेकर कयास लगा रहे हैं, लेकिन वे यह बताना भूल रहे हैं कि नीतीश कुमार को किन वजहों से याद किया जाएगा। रोहिणी के अनुसार, नीतीश कुमार को सृजन घोटाले, जहरीले मिड-डे मील से हुई मासूम बच्चों की मौतों, मुजफ्फरपुर महापाप, सीएजी द्वारा उजागर 72 हजार करोड़ के घोटाले, सत्ता संरक्षण में फल-फूल रहे अवैध शराब के कारोबार की वजह से पूर्णतः विफल शराबबंदी, जहरीली शराब से हुई हजारों मौतों, विधानसभा परिसर में मिलीं शराब की बोतलों, अनगिनत बलात्कार की घटनाओं को रोक पाने की विफलता के लिए याद किया जाएगा।
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नीतीश कुमार के शासनकाल की विफलताएं
इतना ही नहीं, रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि गद्दी बचाने के लिए आपराधिक पृष्ठभूमि वालों के समक्ष बेउर जेल में हाजिरी बजाना, कुर्सी मोह में अपने ही कहे से बार-बार पलटना, विचारधारा और नैतिकता को ताख पर रखकर समझौता करना, महिलाओं के संदर्भ में बार-बार की गई अमर्यादित टिप्पणियां, सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं को असहज कर देने वाला आचरण, बेलगाम भ्रष्टाचारी अधिकारियों को संरक्षण देना, मुख्यमंत्री पद की गरिमा के प्रतिकूल अपने से छोटों और मातहत अधिकारियों के पैर छूना, विधानसभा परिसर में पुलिस की वर्दी में गुंडों को बुलाकर विपक्षी विधायकों पर हमला करवाना, किसी को भोज का न्योता देकर ऐन वक्त पर थाली खींच लेना, पूर्व महिला मुख्यमंत्री के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करना, सरकारी खजाने को खाली कर देना, युवाओं और छात्रों पर दमनात्मक कार्रवाई करवाना, पलायन रोकने और रोजगार सृजन में पूरी तरह से विफल रहना, बिहार को सबसे कुपोषित राज्य और प्रति व्यक्ति सबसे कम सालाना आय वाला राज्य का तमगा दिलाने के लिए ही नीतीश कुमार को जाना और याद किया जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार पर इस तरह के तीखे हमले किए हों। वह अक्सर मुख्यमंत्री की नीतियों और उनके शासनकाल पर सवाल उठाती रहती हैं।
बिहार की वर्तमान स्थिति और भविष्य
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर लगे ये आरोप राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को और भी दिलचस्प बनाते हैं। देखना यह होगा कि इन आरोपों पर मुख्यमंत्री की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है। बिहार को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए जहाँ एक ओर सरकार अपनी योजनाओं का बखान करती है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इन योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवालिया निशान लगाते हुए अपनी दलीलें पेश करता है। जनता इन दोनों पक्षों को सुनकर अपने निष्कर्ष पर पहुंचेगी।
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