back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 25, 2026
spot_img

Nitish Kumar Eid: गांधी मैदान में नहीं दिखे पहली बार CM Nitish, दशकों पुरानी परंपरा टूटने के मायने! क्या! निशांत ही नीतीश है और नीतीश ही निशांत …! कहां थे Nitish! पढ़िए

spot_img
- Advertisement -

Nitish Kumar Eid: बिहार की सियासत में दशकों से चली आ रही एक अहम परंपरा इस बार टूट गई, जिसने कई राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

- Advertisement -

Nitish Kumar Eid: गांधी मैदान में नहीं दिखे सीएम नीतीश, दशकों पुरानी परंपरा टूटने के मायने!

Nitish Kumar Eid: क्यों टूटी दशकों पुरानी परंपरा?

बिहार की राजनीति में पिछले लगभग दो दशकों से ईद-उल-फितर का अवसर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए एक खास जुड़ाव का प्रतीक रहा है। वह हर साल व्यक्तिगत रूप से पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान पहुंचते थे। हजारों नमाजियों से मिलकर, हाथ मिलाकर और उन्हें ईद मुबारकबाद देकर वह एक मजबूत सामाजिक सद्भाव का संदेश देते थे। यह सिर्फ एक राजनीतिक रस्म नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय के साथ उनके गहरे जुड़ाव और सम्मान का प्रतीक बन चुका था। हालांकि पटना के गांधी मैदान में ईद के नमाज़ में शामिल होने पहुंचे निशांत कुमार। तो क्या माना जाए निशांत ही नीतीश है और नीतीश ही निशांत …!

- Advertisement -

Nitish Kumar Eid: गांधी मैदान में नहीं दिखे पहली बार CM Nitish, दशकों पुरानी परंपरा टूटने के मायने! क्या! निशांत ही नीतीश है और नीतीश ही निशांत …! कहां थे Nitish! पढ़िए

- Advertisement -

इस परंपरा के टूट जाने से जहां एक ओर लोग आश्चर्यचकित हैं, वहीं राजनीतिक पंडित इसके पीछे बदलते राजनीतिक समीकरण तलाश रहे हैं। इस बार मुख्यमंत्री आवास से ही ईद की बधाई दी गई, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मुख्यमंत्री की गांधी मैदान में अनुपस्थिति को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे उनके स्वास्थ्य से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि सरकारी सूत्रों ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि यह मुख्यमंत्री के बदलते राजनीतिक तेवर और नए गठबंधन धर्म का परिणाम हो सकता है।

यह भी पढ़ें:  Bihar International Flights: इंटरनेशनल फ्लाइट्स... पटना से अब सीधे काठमांडू, सिंगापुर और बैंकॉक की उड़ानें, जानिए कब से मिलेगी सुविधा!

Nitish Kumar Eid: गांधी मैदान में नहीं दिखे पहली बार CM Nitish, दशकों पुरानी परंपरा टूटने के मायने! क्या! निशांत ही नीतीश है और नीतीश ही निशांत …! कहां थे Nitish! पढ़िए
गांधी मैदान में आयोजित नमाज के बाद ईद मिलन समारोह में निशांत कुमार काफी सक्रिय नजर आए। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात कर भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने सेवई का स्वाद भी लिया और लोगों के साथ घुलमिल कर बातचीत की। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने पिता की ओर से राज्य और देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दीं और अल्लाह से सबके लिए बरकत की दुआ मांगी। निशांत कुमार कार्यक्रम के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह के आवास पर भी पहुंचे, जहां उन्होंने मुलाकात की। इस दौरान उनके राजनीतिक सक्रियता को लेकर कयास और तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं कार्यक्रम में शामिल न होकर सामाजिक माध्यमों के जरिए लोगों को ईद की बधाई दी।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय क्या है?

कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के साथ पुनः गठबंधन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी कार्यशैली में कुछ बदलाव किए हैं। पहले वे राजद के साथ गठबंधन में थे, तब उनकी मुस्लिम समुदाय के बीच प्रत्यक्ष उपस्थिति को मजबूती मिलती थी। अब जब वे एनडीए का हिस्सा हैं, तो कुछ लोग इसे एक संतुलित राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं। इस बदलाव का असर आने वाले चुनावों में राजनीतिक समीकरण पर क्या पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे का विरोध करते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया था, जिसे उनके अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति रुख से जोड़कर देखा गया था। इस वर्ष उनकी अनुपस्थिति और निशांत कुमार की सक्रिय भागीदारी को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गांधी मैदान में हर साल मुख्यमंत्री की मौजूदगी एक उत्सव का हिस्सा बन जाती थी, जहां लोग उनसे सीधे संवाद का मौका पाते थे। इस बार वह अवसर नहीं मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को ईद की मुबारकबाद दी और कहा कि यह पर्व समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने सभी से आपसी मेलजोल और शांति बनाए रखने की अपील की।

Nitish Kumar Eid: गांधी मैदान में नहीं दिखे पहली बार CM Nitish, दशकों पुरानी परंपरा टूटने के मायने! क्या! निशांत ही नीतीश है और नीतीश ही निशांत …! कहां थे Nitish! पढ़िए

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें:  Bihar Solar Rooftop Scheme: बिहार सोलर रूफटॉप से 4.82 लाख घरों को मिलेगी मुफ्त बिजली, जानें सरकार का बड़ा लक्ष्य

परंपरा टूटने के दूरगामी प्रभाव

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से भले ही गांधी मैदान का दौरा न किया हो, लेकिन उन्होंने हमेशा की तरह अपने संदेश के माध्यम से समुदाय को संबोधित किया है। हालांकि, लंबे समय से चली आ रही एक परंपरा का टूटना अपने आप में कई संकेत देता है। बिहार की राजनीतिक पृष्ठभूमि में ऐसे प्रतीकात्मक बदलावों के गहरे मायने होते हैं, जिन पर राजनीतिक दल और जनता दोनों बारीकी से नजर रखते हैं।

यह भी पढ़ें:  Tejashwi Yadav : तेजस्वी अब जनता के करीब? 'आपकी समस्या-हमारी जिम्मेदारी...कोशिश पूरी' अब सीधे सुनेंगे लोगों की शिकायतें! पढ़िए...सियासी गर्मी

Nitish Kumar Eid: गांधी मैदान में नहीं दिखे पहली बार CM Nitish, दशकों पुरानी परंपरा टूटने के मायने! क्या! निशांत ही नीतीश है और नीतीश ही निशांत …! कहां थे Nitish! पढ़िए

इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक विमर्श में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। हालांकि,नीतीश कुमार जी ने ईद के अवसर पर फुलवारी शरीफ स्थित खानकाह मुजीबिया में शरीक होकर सभी को ईद की शुभकामनाएँ दीं और राज्य में अमन-चैन एवं खुशहाली के लिए दुआ माँगी।

इस अवसर पर जद (यू) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा, मंत्री अशोक चौधरी, जद (यू) के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह ‘गाँधी जी’, विधायक श्याम रजक समेत कई प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Patna Loot: पाटलिपुत्र में 20 लाख की डकैती, बेगूसराय से एक बदमाश गिरफ्तार, लाखों की नकदी बरामद

Patna Loot: अपराध की दुनिया में भले ही पलक झपकते ही वारदात को अंजाम...

Darbhanga News: रिश्तों में घुला गर्म पानी का ज़हर, 3 लोग बुरी तरह झुलसे, बच्चे की हालत गंभीर

Darbhanga News: कभी-कभी घर के आँगन में सुलगती चिंगारी पूरे परिवार को राख कर...

Bhagalpur News : भगवा क्रांति संगठन निकालेगा Ram Navami पर भव्य शोभायात्रा, दिखेगी सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल

Bhagalpur Ram Navami: जैसे-जैसे चैत्र का महीना अपने यौवन पर आ रहा है, वैसे-वैसे...

मारुति सुजुकी ई-विटारा: भारतीय सड़कों पर इलेक्ट्रिक क्रांति का नया अध्याय

Maruti Suzuki e-Vitara: भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में एक नई क्रांति का सूत्रपात हो...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें