spot_img

Nitish Kumar Rajgir Visit: नीतीश कुमार ने राजगीर में लगाई अफसरों की क्लास, विकास योजनाओं में देरी पर हुए सख्त, दिए कड़े निर्देश!

spot_img
- Advertisement -

Nitish Kumar Rajgir Visit: राजगीर की पहाड़ियों में सिर्फ इतिहास की गूंज नहीं, बल्कि बिहार की सियासत का भविष्य भी छिपा है। इसी भविष्य की पटकथा लिखने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद ज़मीनी हकीकत परखने पहुंचे। मुख्यमंत्री का यह दौरा सिर्फ फाइलों में सिमटी योजनाओं को धरातल पर उतारने की एक सख्त कवायद माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत गिरीयक के घोड़ा कटोरा जलाशय से हुई।

- Advertisement -

Nitish Kumar Rajgir Visit: विकास की रफ्तार और प्रशासनिक जवाबदेही पर फोकस

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को जब नालंदा जिले के ऐतिहासिक शहर राजगीर पहुंचे, तो सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत गिरियक स्थित घोड़ा कटोरा में गंगाजी जलाशय के निरीक्षण के साथ की। यहां चल रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में प्रगति रिपोर्ट पेश करने और काम में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। उनका संदेश साफ था कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वेणुवन में साउंड एंड लाइट सिस्टम की आधारशिला रखी, जो विकास और विरासत को एक साथ साधने का एक बड़ा सियासी पैगाम है।

- Advertisement -

Nitish Kumar Rajgir Visit: नीतीश कुमार ने राजगीर में लगाई अफसरों की क्लास, विकास योजनाओं में देरी पर हुए सख्त, दिए कड़े निर्देश!

- Advertisement -

मुख्यमंत्री ने आगामी मलमास मेले की तैयारियों को लेकर भी एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं पर विस्तार से मंथन हुआ। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आस्था के इस महापर्व में किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने वैतरणी नदी क्षेत्र, ब्रह्मकुंड और रोपवे सुविधाओं का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें:  Bihar Weather: बिहार में मौसम का डबल अटैक, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज में बारिश, पटना समेत दक्षिण बिहार में लू का येलो अलर्ट!

“घर-घर गंगाजल” का वादा अधूरा, जमीन अधिग्रहण में फंसा पेंच

एक तरफ जहां मुख्यमंत्री विकास योजनाओं को गति देने में जुटे थे, वहीं दूसरी ओर सरकार की महत्वाकांक्षी “घर-घर गंगाजल” योजना की धीमी रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है। गंगाजी जलाशय पार्ट-टू योजना के तहत नवादा जिले के मधुबन में 517 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 275 एकड़ निजी और बाकी सरकारी जमीन शामिल है, लेकिन हकीकत यह है कि अभी तक जमीन मुहैया नहीं हो सकी है। इस महत्वाकांक्षी गंगाजल आपूर्ति योजना के दूसरे चरण में मधुबन से बिहार शरीफ तक पाइपलाइन बिछाकर पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

चिंता की बात यह है कि योजना के पहले चरण की कार्यावधि अगस्त 2025 में ही समाप्त हो रही है, और जमीन अधिग्रहण का पेंच अब भी फंसा हुआ है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा सिर्फ निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक मशीनरी को एक कड़ा संदेश भी है कि जनहित की योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए। दौरे के अंत में मुख्यमंत्री ने राजगीर अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक भी की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि इस दौरे के बाद जलाशय निर्माण और जमीन अधिग्रहण की रफ्तार तेज होती है या यह योजना फाइलों में ही उलझी रहती है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Darbhanga News: कमाल CBSE 10th Result घनश्यामपुर के बाल कल्याण पब्लिक स्कूल का जलवा, संध्या कुमारी बनीं जिला टॉपर

CBSE 10th Result: बिहार के सुदूर देहाती इलाके में स्थित बाल कल्याण पब्लिक स्कूल,...

Darbhanga News: दरभंगा में Cyber Fraud, KYC अपडेट के बहाने लाखों की फ्रॉड!

Cyber Fraud: आजकल साइबर ठगों की नजरें आपके बैंक खातों पर हैं। एक महिला...

Bhagalpur News: बिहार हाउस लिस्टिंग…भागलपुर में आज से शुरू मकानों का ऑनलाइन सर्वे, जानें पूरी प्रक्रिया

बिहार हाउस लिस्टिंग: अगर आप बिहार में रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए...