

Nitish Kumar: बिहार की सियासत में जब भी विकास की बयार बहती है, तो उसका रुख अक्सर नीतीश सरकार की चौखट की ओर ही मुड़ता है। इस बार सरकार ने विकास और रोजगार का ऐसा पिटारा खोला है, जिससे प्रदेश की औद्योगिक और सामाजिक तस्वीर बदलने की उम्मीद की जा रही है। सरकार एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है, जिसमें बंद पड़े उद्योगों को नई जान देने से लेकर युवाओं को सरकारी नौकरियां देने तक की योजनाएं शामिल हैं।
औद्योगिक क्रांति की ओर Nitish Kumar का बड़ा कदम
बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नीतीश सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इसके तहत राज्य में धूल फांक रहीं लगभग 100 बंद पड़ी फैक्ट्रियों को फिर से शुरू किया जाएगा। इस वृहद परियोजना पर लगभग 600 से 800 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है, जिससे राज्य के औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन फैक्ट्रियों के दोबारा चालू होने से प्रदेश के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कदम बिहार को एक बार फिर औद्योगिक नक्शे पर स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
राजगीर में साकार हुआ खेल का सपना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का जो वादा किया था, उसे पूरा करके यह साबित कर दिया है कि उनकी सरकार कथनी और करनी में भेद नहीं करती। आज राजगीर में तैयार हुईं यह खेल संरचनाएं न केवल अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार हैं, बल्कि राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतरीन मंच भी प्रदान कर रही हैं। इन सुविधाओं से बिहार के खेल जगत में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भविष्य में यहां से निकले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का नाम रोशन करेंगे, ऐसी उम्मीद की जा रही है।
युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों की बहार
औद्योगिक और खेल के मोर्चे के साथ-साथ सरकार युवाओं को सरकारी नौकरी देने के मामले में भी पूरी तरह सक्रिय है। राज्य में जल्द ही 1 लाख 95 हजार से अधिक पदों पर बंपर भर्तियां होने जा रही हैं। विभिन्न विभागों में नियुक्तियों के लिए कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
- स्वास्थ्य विभाग: डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के पद।
- शिक्षा विभाग: शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति।
- गृह विभाग: पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में बहाली।
इन विभागों के अलावा अन्य विभागों में भी खाली पड़े पदों को भरने की तैयारी तेजी से चल रही है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के लाखों युवाओं को एक सुनहरा भविष्य मिलेगा और उनके लिए स्थानीय स्तर पर सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भर्तियां राज्य के प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत करेंगी, जिससे सरकारी कामकाज और भी सुचारू रूप से चल सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

