
अब जमीन रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव! वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल पेमेंट अनिवार्य। “वन नेशन, वन रजिस्ट्री”: जमीन रजिस्ट्री के नए नियम, रजिस्ट्रार ऑफिस के चक्कर खत्म। जमीन मालिकों के लिए बड़ी राहत! अब घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री, नकद लेनदेन पर रोक।@पटना,देशज टाइम्स।
अब सेल डीड-पावर ऑफ अटॉर्नी भी डिजिटल”
धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े पर लगेगा अंकुश, डिजिटल रजिस्ट्री लागू। अब सेल डीड और पावर ऑफ अटॉर्नी भी डिजिटल! रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी पारदर्शी। आधार-बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य, रजिस्ट्री की ई-कॉपी तुरंत उपलब्ध। 2025 तक देशभर में 100% डिजिटल भूमि रिकॉर्ड! अब तहसील जाने की जरूरत नहीं@पटना,देशज टाइम्स।
Land Registry New Rule: अब जमीन रजिस्ट्री होगी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी
देशज टाइम्स। जल्द ही भूमि रजिस्ट्री (Land Registry) के नए नियम लागू होने वाले हैं। नए नियम के अनुसार रजिस्ट्री प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति में यह डिजिटल सबूत का काम कर सके। साथ ही, सभी शुल्क और स्टांप ड्यूटी का भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों (UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड) से ही किया जाएगा।
बिहार में जहां एक ओर जमीन सर्वे का काम चल रहा है, वहीं केंद्र सरकार भूमि मालिकों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। नए नियम लागू होने के बाद रैयतदारों को रजिस्टार ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे, और पूरी प्रक्रिया घर बैठे पूरी हो सकेगी।
Registration Bill 2025: “वन नेशन, वन रजिस्ट्री”
केंद्र सरकार ने Registration Bill, 2025 का ड्राफ्ट जारी किया है, जो 1908 से लागू पुराने Registration Act की जगह लेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम “वन नेशन, वन रजिस्ट्री” की दिशा में ऐतिहासिक सुधार साबित होगा।
मुख्य उद्देश्य:
देशभर में पूरी तरह डिजिटल व पारदर्शी रजिस्ट्री सिस्टम लागू करना। नकद लेन-देन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना। भूमि रिकॉर्ड का 100% डिजिटलीकरण दिसंबर 2025 तक पूरा करना (पूर्वोत्तर राज्यों और लद्दाख को इस प्रक्रिया से अलग रखा गया है)।
ड्राफ्ट पर जनता से सुझाव 25 जून 2025 तक लिए जाएंगे। इसके बाद इसे संसद में पेश करने की संभावना है। यदि प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो यह कानून 2025 के अंत तक लागू हो सकता है।
नए नियमों से नागरिकों को लाभ
नए कानून से नागरिकों को कई महत्वपूर्ण फायदे मिलने की उम्मीद है कि फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी पर रोक: जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद और फर्जी लेन-देन कम होंगे। समय और पैसा दोनों की बचत: रजिस्ट्री के लिए तहसील या रजिस्टार कार्यालय के चक्कर खत्म।
सरल और पारदर्शी प्रक्रिया: सभी औपचारिकताएं ऑनलाइन पूरी की जा सकेंगी। पहचान की पुष्टि: आधार-बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य, पासपोर्ट और वोटर आईडी भी मान्य, प्राथमिकता आधार को।
रजिस्ट्री प्रक्रिया में बदलाव
नए नियमों के अनुसार, अब केवल सेल डीड (Sale Deed) ही नहीं बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसमें, एग्रीमेंट टू सेल (Agreement to Sell), पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of Attorney), सेल सर्टिफिकेट (Sale Certificate), इक्विटेबल मॉर्गेज (Equitable Mortgage), न्यायालय के आदेश (Judicial Orders) शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि इन प्रावधानों से संपत्ति लेन-देन में विवाद और धोखाधड़ी पर काफी हद तक रोक लगेगी।
पूरी प्रक्रिया डिजिटल
नए नियम लागू होने के बाद: नागरिक ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। सत्यापन और शुल्क का भुगतान डिजिटल माध्यम से होगा। पंजीकरण पूरा होते ही डिजिटल सिग्नेचर और रजिस्ट्री की ई-कॉपी नागरिक को उपलब्ध होगी। रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर और लंबी लाइन में खड़े होने की समस्या समाप्त।
Registration Bill 2025 का उद्देश्य
Registration Bill 2025 का उद्देश्य भूमि और संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर अंकुश और सुविधाजनक डिजिटल प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। बिहार सहित पूरे देश में इसके लागू होने के बाद नागरिकों को समय, पैसा और यात्रा की बचत होगी और संपत्ति विवाद की संभावना न्यूनतम हो जाएगी।