
Seemanchal state: जब-जब सियासत के गलियारों में किसी नए राज्य की सुगबुगाहट होती है, तब-तब विरोध के स्वर भी बुलंद होते हैं। ऐसा ही कुछ सीमांचल को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ा है, जिस पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कड़ा रुख अपनाया है।
सीमांचल राज्य: पप्पू यादव का दो टूक बयान, ‘सीमांचल कोई बैंकॉक नहीं, विभाजन का होगा कड़ा विरोध!’
पूर्णिया सांसद ने सीमांचल राज्य के गठन का किया विरोध
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सीमांचल को अलग राज्य बनाने की चल रही चर्चाओं पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीमांचल कोई बैंकाक नहीं है, जहां कोई आया और अपनी मर्जी से चला गया। इस क्षेत्र की अपनी एक पहचान, संस्कृति और इतिहास है, जिसे विभाजित करने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा। यदि केंद्र सरकार सीमांचल राज्य के गठन की दिशा में कोई कदम उठाती है, तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पप्पू यादव ने कहा कि इस तरह की बातें केवल भ्रम फैलाने और क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काने के लिए की जा रही हैं, जबकि क्षेत्र का विकास ही वास्तविक प्राथमिकता होनी चाहिए।
पप्पू यादव ने साफ किया कि वे सीमांचल की पहचान और अखंडता के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। उनका मानना है कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान विभाजन में नहीं, बल्कि मौजूदा ढांचे के भीतर बेहतर प्रशासन और संसाधनों के समुचित उपयोग में निहित है। उन्होंने कहा कि सीमांचल के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
क्षेत्रीय विकास पर जोर, विभाजन की राजनीति पर हमला
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने यह भी जोड़ा कि वे हमेशा क्षेत्रीय विकास और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। उनका फोकस सीमांचल के पिछड़ेपन को दूर करने, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। उन्होंने उन ताकतों को आगाह किया जो राजनीतिक लाभ के लिए क्षेत्र को बांटने की कोशिश कर रही हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ हलकों से सीमांचल को अलग राज्य बनाने की मांगें उठ रही थीं। पप्पू यादव का यह रुख स्पष्ट करता है कि वे सीमांचल की भौगोलिक और सांस्कृतिक एकता को बनाए रखने के पक्षधर हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को विभाजित करने से कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि इससे नई समस्याएं ही पैदा होंगी।


