

Purnia News: जीवन की डोर जब एक बेगुनाह के साथ टूटती है, तो न्याय की उम्मीदें भी टूट जाती हैं। ऐसी ही एक घटना पर बिहार की सियासत में भूचाल आया हुआ है, जहां पूर्णिया के सांसद ‘पप्पू यादव’ ने एक नीट छात्रा की दुखद मौत के मामले में बिहार सरकार पर जमकर भड़ास निकाली है। उन्होंने फेसबुक पर लाइव आकर प्रदेश की कानून व्यवस्था और सरकार की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाए।
सांसद पप्पू यादव ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा कि इस सरकार से कुछ नहीं होगा। उन्होंने नीट छात्रा की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। यह घटना एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर बहस छेड़ गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह मुद्दा अब ‘बिहार politics’ के गलियारों में गरमा गया है, जिस पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
नीट छात्रा की मौत: ‘पप्पू यादव’ ने उठाई गिरफ्तारी की मांग
पप्पू यादव ने केवल सरकार पर हमला ही नहीं बोला, बल्कि अपनी निजी सुरक्षा में कटौती को लेकर भी मुखर हुए। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए सीधे गृह मंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि उनकी सुरक्षा क्यों कम की गई है, जबकि वे लगातार जनता के मुद्दों को उठा रहे हैं और आपराधिक तत्वों के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। सांसद ने इस कार्रवाई को उनकी आवाज दबाने की कोशिश बताया।
इस पूरे प्रकरण ने राज्य में जनता के बीच भी गहरी चिंता पैदा की है। एक तरफ जहां एक युवा छात्रा की मौत पर न्याय की मांग जोर पकड़ रही है, वहीं दूसरी ओर एक जनप्रतिनिधि की सुरक्षा में कटौती जैसे मुद्दे भी सामने आ रहे हैं, जो प्रदेश की व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान
पप्पू यादव ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मामले को इतनी आसानी से नहीं छोड़ने वाले। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर रहेंगे। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और भी गरमाएगा और ‘बिहार politics’ में इसकी गूंज दूर तक सुनाई देगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार को अब इस मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी ताकि जनता का विश्वास बहाल हो सके और ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


