
स्वर्ण लूट: बिहार की राजधानी पटना में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां खुद को कस्टम अधिकारी बताकर बदमाशों ने गुजरात के एक स्वर्ण कारोबारी के कर्मचारियों से करीब 15 किलोग्राम सोना लूट लिया। यह घटना खगौल थाना क्षेत्र में रविवार को हुई, जिसने पटना पुलिस की नींद उड़ा दी है। बदमाशों ने तीन बैग में रखे सोने को लूट लिया और मौके से फरार हो गए। गुजरात के राजकोट निवासी स्वर्ण कारोबारी सुनील किशोर भाई की शिकायत पर पुलिस ने ठगी समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार और एक बाइक को जब्त कर लिया है, जो जांच में चोरी की निकली हैं।
कैसे दिया गया स्वर्ण लूट को अंजाम?
पीड़ित कर्मी महेश मामतोरा और प्रिंस रामपरिया ने पुलिस को बताया कि वे गुजरात के राजकोट से सोना लेकर सहरसा एक्सप्रेस से दानापुर स्टेशन पहुंचे थे। उन्हें यह सोना बाकरगंज पहुंचाना था। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद उन्होंने एक ऑटो बुक किया। जैसे ही उनका ऑटो ओवरब्रिज के पास पहुंचा, 5 से 7 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इन बदमाशों में से कुछ खाकी पैंट और सफेद शर्ट में थे, जिन्होंने खुद को कस्टम अधिकारी बताया। जांच के नाम पर बदमाशों ने तीनों सोने से भरे बैग अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद, महेश को जबरन एक कार में बैठाया गया, उनके हाथ बांध दिए गए और चेहरा ढक दिया गया। कुछ दूरी पर ले जाकर उन्हें सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया। किसी तरह महेश ने खुद को मुक्त किया और घटना की जानकारी दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुलिस जांच और दिल्ली कनेक्शन: SIT का गठन
पुलिस जांच में सामने आया है कि जब्त की गई बलेनो कार 1 अप्रैल को दिल्ली से चोरी हुई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कार पर ब्रेजा का नंबर प्लेट लगा हुआ था। पटना पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दिल्ली के किस थाना क्षेत्र से यह कार चोरी हुई थी। दानापुर रेलवे स्टेशन से लेकर घटनास्थल तक के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, और पीड़ित कर्मचारियों से लगातार पूछताछ जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा खुद मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। साथ ही, डीआईयू और एसटीएफ भी जांच में जुटी हैं। पुलिस ने नौबतपुर रोड से संदिग्ध कार और एम्स गोलंबर के पास से बाइक बरामद की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बदमाशों को पहले से थी जानकारी?
कर्मियों के बयान के अनुसार, बदमाशों में से एक व्यक्ति फोन पर बात करते हुए कह रहा था कि “सूचना सही थी, पांच दिन से जिसका इंतजार था, वह सोना मिल गया।” इस बात से आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों को इस स्वर्ण लूट की योजना की पहले से पूरी जानकारी थी और वे लगातार पीड़ितों पर नजर रखे हुए थे। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







