

Patna Modern Crematorium: जीवन का चक्र, जहां हर अंत एक नए आरंभ की दस्तक होता है, अब पटना में एक नई गरिमा पाएगा। बांस घाट की ऐतिहासिक धरती पर, एक ऐसी सुविधा का उदय हुआ है जो अंतिम विदाई को शांत और सुव्यवस्थित बना देगी।
Patna Modern Crematorium: बांस घाट पर आधुनिकता का नया अध्याय
पटना के ऐतिहासिक बांस घाट पर, बिहार के पहले अत्याधुनिक श्मशान घाट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह भव्य परियोजना, जिसे लगभग 4.5 एकड़ विशाल क्षेत्र में विकसित किया गया है, अब अंतिम संस्कारों के लिए एक नई पहचान बनने को तैयार है। इस आधुनिक शवदाह गृह के निर्माण पर कुल 89.40 करोड़ रुपये की लागत आई है, जो इसकी भव्यता और सुविधाओं की गंभीरता को दर्शाता है। यह एक ऐसी पहल है जो दिवंगत आत्माओं को सम्मानजनक विदाई सुनिश्चित करेगी और शोक संतप्त परिवारों को एक शांत वातावरण प्रदान करेगी। यह परियोजना पटना स्मार्ट सिटी और बुडको (BUDCO) द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित की गई है, जो शहरी विकास में एक मील का पत्थर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह अत्याधुनिक सुविधा न केवल अंतिम संस्कार की पारंपरिक आवश्यकताओं को पूरा करती है बल्कि इसमें पर्यावरण-अनुकूल तकनीक और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों का भी समावेश किया गया है। इसका उद्देश्य न केवल प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना है, बल्कि पूरे अनुभव को अधिक गरिमापूर्ण और सुविधाजनक बनाना है। अब पटना के निवासियों को अंतिम विदाई के लिए एक ऐसी जगह मिलेगी जो हर मायने में आधुनिक समय की ज़रूरतों को पूरा करती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
परियोजना की लागत और निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत 89.40 करोड़ रुपये है, जो इसके व्यापक दायरे और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास में लगे संसाधनों को स्पष्ट करती है। 4.5 एकड़ में फैला यह परिसर अपने आप में एक मिसाल है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (BUDCO) के संयुक्त प्रयासों से यह संभव हो पाया है। इन दोनों संस्थाओं ने मिलकर इस विजन को साकार किया है, जिससे पटना के शहरी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण सुधार आया है। यह सिर्फ एक श्मशान घाट नहीं, बल्कि एक सामुदायिक सुविधा है जो जीवन के अंतिम पड़ाव को गरिमा प्रदान करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह नया शवदाह गृह शहर की बढ़ती जनसंख्या और आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें पर्याप्त प्रतीक्षा क्षेत्र, प्रशासनिक ब्लॉक और अन्य सहायक संरचनाएं शामिल हैं, जो इसे एक पूर्ण सुविधा केंद्र बनाती हैं। इसका लक्ष्य अंतिम संस्कार प्रक्रियाओं को अधिक कुशल, स्वच्छ और शांतिपूर्ण बनाना है, जिससे परिवारों को मुश्किल घड़ी में थोड़ी राहत मिल सके। इस पहल से पटना को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी, जो अपने नागरिकों के लिए हर स्तर पर बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


