पटना न्यूज़: पटना की बेऊर जेल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सुबह होने से पहले ही भारी पुलिस बल ने जेल को चारों तरफ से घेर लिया. जब तक जेल के अंदर मौजूद कैदी और कर्मचारी कुछ समझ पाते, एक बड़ी कार्रवाई शुरू हो चुकी थी, जिसकी किसी को कानों-कान खबर तक नहीं थी.
सुबह 5 बजे शुरू हुई कार्रवाई
शनिवार की सुबह पटना की सेंट्रल जेल बेऊर में पुलिस और प्रशासन की टीम ने औचक छापेमारी की. यह कार्रवाई सुबह 5 बजे शुरू हुई और करीब 3 घंटे तक चली. इस दौरान जेल के अंदर किसी के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी. प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
चप्पे-चप्पे की ली गई तलाशी
छापेमारी करने पहुंची टीम ने जेल के हर एक वार्ड और कोने की सघन तलाशी ली. सूत्रों के मुताबिक, टीम ने जेल के एक-एक हिस्से को खंगाला ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई भी अवैध या आपत्तिजनक वस्तु तो नहीं है. इस अभियान की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
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- छापेमारी का समय: सुबह 5 बजे से 8 बजे तक
- अवधि: लगभग 3 घंटे
- नेतृत्व: पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम
- मकसद: जेल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना
बाहुबली विधायक भी हैं इसी जेल में बंद
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बेऊर जेल बिहार की सबसे संवेदनशील जेलों में से एक है, क्योंकि यहां कई बड़े और बाहुबली कैदी बंद हैं. मोकामा से विधायक अनंत सिंह भी इसी जेल में अपनी सजा काट रहे हैं. ऐसे हाई-प्रोफाइल कैदियों की मौजूदगी के कारण जेल की सुरक्षा हमेशा एक बड़ी चुनौती होती है. इसी के मद्देनजर समय-समय पर इस तरह की औचक छापेमारी की जाती है.
हालांकि, करीब तीन घंटे तक चली इस सघन तलाशी के बाद भी पुलिस को जेल के अंदर से कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली. अधिकारियों ने बताया कि यह एक रूटीन जांच प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य जेल के अंदर अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना है.






