



Patna Court Bomb Threat: न्याय के मंदिर में जब आतंक की आहट गूंजती है, तो सुरक्षा घेरा और मजबूत करना चुनौती बन जाता है। राजधानी पटना के सिविल कोर्ट परिसर में बार-बार मिल रही बम की धमकियों ने न केवल प्रशासन, बल्कि आम जनमानस में भी चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
Patna Court Bomb Threat: पटना सिविल कोर्ट में तीसरी बार बम की धमकी, मचा हड़कंप!
Patna Court Bomb Threat: पांच दिनों में तीसरी बार डराया सिविल कोर्ट
पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की ईमेल पर लगातार मिल रही धमकियों ने एक बार फिर बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। महज पांच दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब कोर्ट परिसर को खाली कराना पड़ा और सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन की टीमें लगातार ई-मेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे यह साफ हो सके कि इन धमकियों के पीछे कौन है और उसका मकसद क्या है।
बार-बार मिल रही इन धमकियों के कारण कोर्ट परिसर में आने वाले अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और आम लोगों के बीच भय का माहौल है। प्रत्येक धमकी के बाद, पूरे परिसर को तुरंत खाली कराया जाता है और बम निरोधक दस्ता डॉग स्क्वायड के साथ मिलकर चप्पे-चप्पे की तलाशी लेता है। यह पूरी प्रक्रिया न केवल समय लेने वाली है, बल्कि न्यायिक कामकाज को भी प्रभावित करती है। शहर में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या यह किसी शरारती तत्व का काम है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। साइबर विशेषज्ञों की एक टीम ईमेल के आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी विवरणों का विश्लेषण कर रही है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
लगातार मिल रही इन धमकियों ने बिहार की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। यह जरूरी है कि इन धमकियों को हल्के में न लिया जाए और उनके स्रोत का जल्द से जल्द पता लगाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ताकि न्याय प्रणाली में लोगों का विश्वास बना रहे और वे बिना किसी डर के अपने कार्यों को पूरा कर सकें। यह घटनाक्रम आगामी दिनों में पटना सिविल कोर्ट की सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़े बदलावों का भी संकेत हो सकता है।



