Patna Coaching News: बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग संस्थानों से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। मशहूर शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की थी। इस घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ‘दारोगा फैक्ट्री’ के नाम से चर्चित ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रोशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ दो अन्य लोगों को भी इस मामले में हिरासत में लिया गया है।
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यह गिरफ्तारी पटना के कोचिंग जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर रोशन आनंद कौन हैं और उन्होंने पूरे देश में पहचान रखने वाले खान सर जैसे बड़े नाम के साथ ऐसा टकराव क्यों मोल लिया। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
कौन हैं रोशन आनंद और क्यों हुए गिरफ्तार?
ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रोशन आनंद का नाम इन दिनों पटना के साथ-साथ पूरे बिहार में सुर्खियों में है। उन्हें बिहार पुलिस और दारोगा (एसआई) परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले छात्रों के बीच ‘दारोगा फैक्ट्री’ या ‘दारोगा गुरु’ के नाम से जाना जाता है। उनकी अकादमी ने हजारों छात्रों को पुलिस सेवा में जाने का सपना पूरा करने में मदद की है। हालांकि, अब वही ‘दारोगा गुरु’ पटना में एक सनसनीखेज देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें घटना के संबंध में पुलिस की गिरफ्त में हैं।
यह मामला तब गरमाया जब कुछ दिन पहले पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर हमला किया गया। हमलावरों ने संस्थान के बाहर पत्थरबाजी की, तोड़फोड़ की और पोस्टर भी फाड़ दिए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने फौरन एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज व अन्य सबूतों के आधार पर रोशन आनंद सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह की घटनाएँ अक्सर पटना Crime News में देखने को मिलती हैं, जो कोचिंग संस्थानों के बीच की प्रतिद्वंद्विता को उजागर करती हैं।
‘दारोगा गुरु’ रोशन आनंद का संघर्षपूर्ण सफर
रोशन आनंद का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उनका जन्म सहरसा जिले के धमसेना गांव के एक बेहद गरीब किसान परिवार में हुआ था। छोटी उम्र से ही उन्होंने बेहतर भविष्य की तलाश में संघर्ष करना शुरू कर दिया था। उनका सबसे बड़ा सपना पुलिस में भर्ती होकर सरकारी नौकरी पाना था। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की।
हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वर्ष 2014 में रोशन आनंद ने बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा तो आसानी से पास कर ली, लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) में वह सफल नहीं हो पाए। इस असफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और बीपीएससी (BPSC) की परीक्षा में भी अपना भाग्य आजमाया। वे इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे भी, लेकिन अंतिम चयन सूची में उनका नाम शामिल नहीं हो पाया।
लगातार मिल रही असफलताओं ने रोशन आनंद को निराश जरूर किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 1 सितंबर 2017 को उन्होंने पटना में अपनी ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उनके पास सिर्फ 5-6 छात्र ही थे और उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। लेकिन उनकी पढ़ाने की अनूठी शैली और छात्रों के प्रति समर्पण ने कमाल कर दिखाया। धीरे-धीरे उनकी अकादमी मशहूर हो गई और आज यह हजारों छात्रों को दारोगा और पुलिस अधिकारी बनाने का माध्यम बन चुकी है। जिस व्यक्ति का खुद पुलिस बनने का सपना अधूरा रह गया, उसने हजारों युवाओं के इस सपने को साकार करने में मदद की और इसीलिए उन्हें ‘दारोगा फैक्ट्री’ के नाम से जाना जाने लगा।
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अब वही ‘दारोगा फैक्ट्री’ संचालक खान सर जैसे बड़े नाम के साथ हुए इस विवाद के चलते मुश्किल में फंस गए हैं। पुलिस उनसे इस हमले के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। यह घटना पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता और उसके नकारात्मक परिणामों को एक बार फिर सामने लाई है। शहर में ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रशासन को और भी सख्त कदम उठाने की जरूरत महसूस हो रही है।







