Patna News: ज़रा सोचिए, सुबह की शुरुआत हो और नल खोलते ही अमृत के बजाय ज़हर जैसा काला-बदबूदार पानी मिले। यह किसी डरावने सपने से कम नहीं, और यही भयावह सच्चाई अब पटना के कई इलाकों को अपनी गिरफ्त में ले रही है। इंदौर जैसे स्वच्छ शहरों की मिसाल देने वाले बिहार की राजधानी में यह स्थिति चिंताजनक है।
Patna News: कंकड़बाग की भयावह तस्वीर, फिर क्यों जागा निगम?
पटना के कंकड़बाग इलाके से सामने आई काले और दुर्गंधयुक्त पानी की भयावह तस्वीरों ने शहर को सकते में डाल दिया है। नल खोलते ही निकलने वाला यह गंदा पानी देखकर हर कोई दहशत में है। इस स्थिति ने इंदौर जैसे स्वच्छ शहर की कल्पना करने वाले पटना नगर निगम को भी ‘अलर्ट मोड’ में ला दिया है। शुरुआती शिकायतों के बाद अब पूरे शहर में पानी के नमूनों की जांच का एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम के अधिकारी अब हर वार्ड से पानी के सैंपल एकत्र कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की व्यवस्था में खामी है और जल प्रदूषण का स्तर कितना अधिक है। यह अभियान व्यापक पैमाने पर चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। कई दिनों से मिल रही शिकायतों के बावजूद निगम की नींद अब जाकर खुली है, जिस पर सवाल उठना लाजिमी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पानी की गुणवत्ता पर गहराता संकट: जनता की चिंताएं
शहर के अन्य इलाकों से भी लगातार गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को डर है कि कहीं यह स्थिति किसी बड़ी बीमारी का कारण न बन जाए। गर्मी के मौसम में पीने के पानी की शुद्धता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नगर निगम की इस तत्परता से उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और लोगों को साफ पानी मिल पाएगा। लेकिन सवाल यह है कि ऐसी नौबत ही क्यों आई? क्या पहले से ही पानी की लाइनों की नियमित जांच नहीं की जाती?
यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम की यह मुहिम कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या वाकई पटना को इस ‘काला पानी’ के आतंक से मुक्ति मिल पाती है। फिलहाल, शहरवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें जल्द ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




