Patna Firing News: पटना में हुए चर्चित फायरिंग मामले की जांच अब कई राज्यों तक पहुँच गई है। पुलिस 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुई घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है। इस घटना में हुई फायरिंग और पत्थरबाजी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था, जिसने अब एक नया मोड़ ले लिया है।
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जांच के दायरे में अब नोएडा स्थित एक सुरक्षा एजेंसी भी आ गई है। पटना पुलिस ने इस मामले में फैजल खान उर्फ खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्डों के पास से जब्त की गई .315 बोर की एनपीबी राइफलों से संबंधित महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पुलिस यह जानना चाहती है कि क्या इन हथियारों के लाइसेंस वैध थे और उनका उपयोग किन परिस्थितियों में किया गया था।
फायरिंग और तोड़फोड़ का मामला: क्या थी पूरी घटना?
2 जून की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज (के.जी.एस.) के बाहर लगभग 15 से 20 अज्ञात लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया था। आरोप है कि हमलावरों ने कोचिंग परिसर में पत्थरबाजी की, जमकर तोड़फोड़ की और एक सुरक्षा गार्ड को घायल भी किया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।
शुरुआत में, प्रसिद्ध शिक्षक खान सर ने दावा किया था कि यह हमला एक प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान ज्ञान बिंदु से जुड़े लोगों द्वारा किया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि बाहर से 8 से 10 राउंड फायरिंग की गई थी। इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया था।
हालांकि, बाद में वायरल हुए सीसीटीवी फुटेज ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। फुटेज में खान सर के दो सुरक्षा गार्ड – प्रदीप कुमार और तालेश्वर सिंह – हवा में फायरिंग करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। इस दृश्य ने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी।
पुलिस पूछताछ के दौरान, दोनों सुरक्षा गार्डों ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर 2-2 राउंड हवाई फायरिंग की थी। इस बयान के बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, खान सर सहित अन्य लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या के प्रयास से संबंधित) सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई।
जांच का दायरा बढ़ा: नोएडा तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पटना पुलिस अब हर पहलू से गहन छानबीन कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने नोएडा स्थित सुरक्षा एजेंसी ए.पी.एस. (APS) को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में एजेंसी से दोनों गार्डों के पास से जब्त हथियारों, उनके लाइसेंस, वैधता और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी मांगी गई है। यह कदम ‘Patna Firing News’ के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जिन हथियारों से फायरिंग की गई, उनके लाइसेंस वैध थे या नहीं। इसके साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि हथियारों का इस्तेमाल किन शर्तों के तहत किया गया था और क्या सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया था। ‘Patna Khan Sir News’ में यह एक अहम पहलू है, क्योंकि गार्डों द्वारा की गई फायरिंग के बाद ही खान सर और अन्य पर गंभीर आरोप लगे हैं।
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पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा हथियारों के उपयोग से संबंधित सभी नियम और कानून का पालन किया गया था। यदि इसमें कोई अनियमितता पाई जाती है, तो सुरक्षा एजेंसी और संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। यह घटना निजी सुरक्षा गार्डों के हथियारों के लाइसेंस और उनके उपयोग पर नए सिरे से सवाल खड़े करती है।
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फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और निजी सुरक्षा गार्डों के अधिकारों व कर्तव्यों पर बहस छेड़ दी है।







