Patna Firing News: राजधानी पटना में मशहूर यूट्यूबर और शिक्षक खान सर की गिरफ्तारी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। कोचिंग संस्थान के बाहर हुई कथित फायरिंग मामले में एफआईआर दर्ज होने के चार दिन बाद भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस जहां एक तरफ लगातार छापेमारी कर रही है, वहीं खान सर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में पुलिस काफी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।
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वीडियो ने बदली जांच की दिशा, बॉडीगार्ड्स ने उगले राज!
2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग में पत्थरबाजी और तोड़फोड़ हुई थी। शुरू में खान सर ने फायरिंग के 8-10 राउंड होने का दावा किया था। हालांकि, बाद में पुलिस की शुरुआती जांच में फायरिंग के कोई सबूत नहीं मिले और इसे पत्थरबाजी की घटना बताया गया। बाद में खान सर ने भी अपनी बात बदल दी थी।
इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रोशन आनंद और तीन सहयोगियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 4 जून को इस मामले में एक चौंकाने वाला नया मोड़ तब आया, जब ज्ञान बिंदु कोचिंग ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें कथित तौर पर घटना के दौरान खान सर के बॉडीगार्ड्स को फायरिंग करते दिखाया गया था।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। जांचकर्ताओं को पहले घटनास्थल से कोई खोखा या अन्य भौतिक सबूत नहीं मिला था। बाद में पुलिस ने खान सर के दो बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार किया और उनकी बंदूकें जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गईं। खान सर से जुड़े कुछ अन्य सुरक्षाकर्मी कथित तौर पर फरार हैं।
बॉडीगार्ड्स के बयान पर खान सर पर FIR
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए बॉडीगार्ड्स के पूछताछ के दौरान दिए गए बयान के आधार पर खान सर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इन धाराओं में उकसाना, हत्या का प्रयास और हथियार अधिनियम से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि गार्डों ने दावा किया कि खान सर ने उन्हें गोली चलाने का निर्देश दिया था। ये आरोप अब चल रही जांच का हिस्सा हैं, जिसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस क्यों बरत रही है सावधानी? 2022 का मामला फिर चर्चा में
पुलिस विभाग के सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। इसका कारण यह है कि जब भी पुलिस की टीम खान सर के कोचिंग परिसर में जाती है, तो बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक इकट्ठा हो जाते हैं। अधिकारियों को डर है कि कोई भी अचानक की गई कार्रवाई अशांति पैदा कर सकती है और कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी कर सकती है।
ऐसे में पुलिस का ध्यान तत्काल गिरफ्तारी के बजाय ऐसे सबूत इकट्ठा करने पर है जो न्यायिक जांच में टिक सकें। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि जांच जारी है और जब्त किए गए हथियारों को फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगी।
मौजूदा स्थिति की तुलना 2022 के एक मामले से की जा रही है, जब रेलवे भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद खान सर और कई अन्य कोचिंग शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उस समय भी पुलिस ने गिरफ्तारी से परहेज किया था, यह कहते हुए कि बिना पुख्ता सबूत के सिर्फ एफआईआर में नाम होना गिरफ्तारी का पर्याप्त आधार नहीं है। वह मामला भी बाद में ठंडा पड़ गया था।
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सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब जब्त किए गए हथियारों पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जांचकर्ता यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या सुरक्षाकर्मियों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार अनधिकृत थे। अधिकारियों का मानना है कि फोरेंसिक निष्कर्ष अगले कदम को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और यदि हथियार अधिनियम का उल्लंघन स्थापित होता है, तो मामले को काफी मजबूत कर सकते हैं। तब तक, खान सर की तलाश जारी है और पुलिस उन्हें ट्रैक करने के साथ-साथ एक कानूनी रूप से टिकाऊ मामला बनाने के प्रयासों को तेज कर रही है।







