
Patna Greenfield Township: पटनावालों हो जाओ तैयार! बिहार सरकार ने राजधानी के नक्शे पर एक ऐसी लकीर खींच दी है, जो आने वाले दशकों में यहां की सूरत बदल देगी। सूबे की सबसे बड़ी 81 हजार एकड़ में फैलने वाली ग्रीनफील्ड टाउनशिप का मास्टर प्लान तैयार है, जो पटना के पास एक बिल्कुल नया और आधुनिक शहर बसाने जा रहा है। यह बिहार के शहरीकरण की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा, जो 11 नए शहर बसाने की राज्य सरकार की महात्वाकांक्षी योजना का मुख्य हिस्सा है। इस ‘सैटेलाइट सिटी’ में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
पटना ग्रीनफ़ील्ड टाउनशिप: कनेक्टिविटी का महाजाल और बुनियादी ढाँचा
इस टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत इसकी शानदार कनेक्टिविटी होगी। आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे इसके बीच से गुजरेगा और पटना के आसपास बन रहा सिक्स-लेन रिंग रोड भी इसे जोड़ेगा। यह नेटवर्क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। ट्रैफिक की इन सुविधाओं से इस नए शहर में रहने वालों के लिए राजधानी के मुख्य हिस्सों और अन्य जिलों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सुविधाएँ और विकास: आधुनिकता का प्रतीक
लगभग 81,000 एकड़ क्षेत्र में फैलने वाली इस टाउनशिप में फिनटेक सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, लॉजिस्टिक हब और ज्यूडिशियल एकेडमी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। टाउनशिप को दो हिस्सों में बांटा जाएगा – विशेष क्षेत्र (लगभग 81,730 एकड़) और कोर एरिया (लगभग 1,010 एकड़)। यह ‘सैटेलाइट सिटी’ सिर्फ आवासीय क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि एक बड़े आर्थिक और खेल केंद्र के रूप में उभरेगी। स्पोर्ट्स सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मैदान होंगे और फिनटेक सिटी (Fintech City) बैंकिंग व वित्तीय कंपनियों को आकर्षित करेगी, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- कोर एरिया पटना शहर से लगभग 13 किमी दूर होगा।
- मौर्यालोक से दूरी: 21 किमी
- पटना जंक्शन से दूरी: 20 किमी
- पटना एयरपोर्ट से दूरी: 24 किमी
- कोर एरिया के पास बिहटा-सरमेरा रोड, प्रस्तावित रेलवे जंक्शन और स्पोर्ट्स सिटी जैसी सुविधाएं होंगी।
स्थान और शामिल गाँव
इस टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में पुनपुन, फतुहा, संपतचक, नौबतपुर, पटना ग्रामीण, दानियावां, धनरुआ, मसौढ़ी सहित 9 प्रखंडों के 274 गांव शामिल किए गए हैं। पुनपुन नगर पंचायत के 6 वार्ड भी इसका हिस्सा होंगे। कोर एरिया में पीपरा, बाजिदपुर, पनवार, नुरुद्दीनपुर, डुमरी, नादपुर खैरी, खापुरा, कलियानपुर बसियावां, पीपरा चक और सिकंदरपुर समेत 12 गांव शामिल हैं। सरकार ने टाउनशिप के लिए चिन्हित क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगा दी है। फिलहाल मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। अन्य शहरों – दरभंगा, छपरा, सोनपुर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया, सीतामढ़ी, मुंगेर और सहरसा – में भी इसी तरह के टाउनशिप विकसित किए जाएंगे।
इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में एक विशाल लॉजिस्टिक हब की भी योजना है, जो बिहार के औद्योगिक विकास की रीढ़ बनेगा। पर्यावरण और जीवनशैली पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसमें चौड़ी सड़कें, आधुनिक ड्रेनेज, स्कूल, अस्पताल और पार्क शामिल होंगे। भीड़भाड़ वाले पुराने पटना पर दबाव कम करने के उद्देश्य से यह Patna Greenfield Township विकसित की जा रही है, जिसका लक्ष्य देश के अन्य विकसित महानगरों के बराबर जीवनशैली प्रदान करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पढ़िए विस्तार से
Patna Greenfield Township: पटनावालों हो जाओ तैयार! बिहार सरकार ने राजधानी के नक्शे पर एक ऐसी लकीर खींच दी है, जो आने वाले दशकों में यहां की सूरत बदल देगी। सूबे की सबसे बड़ी 81 हजार एकड़ में फैलने वाली ग्रीनफील्ड टाउनशिप का मास्टर प्लान तैयार है, जो पटना के पास एक बिल्कुल नया और आधुनिक शहर बसाने जा रहा है। यह बिहार के शहरीकरण की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा, जो 11 नए शहर बसाने की राज्य सरकार की महात्वाकांक्षी योजना का मुख्य हिस्सा है। इस ‘सैटेलाइट सिटी’ में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
पटना ग्रीनफ़ील्ड टाउनशिप: कनेक्टिविटी का महाजाल और बुनियादी ढाँचा
इस टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत इसकी शानदार कनेक्टिविटी होगी। आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे इसके बीच से गुजरेगा और पटना के आसपास बन रहा सिक्स-लेन रिंग रोड भी इसे जोड़ेगा। यह नेटवर्क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। ट्रैफिक की इन सुविधाओं से इस नए शहर में रहने वालों के लिए राजधानी के मुख्य हिस्सों और अन्य जिलों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सुविधाएँ और विकास: आधुनिकता का प्रतीक
लगभग 81,000 एकड़ क्षेत्र में फैलने वाली इस टाउनशिप में फिनटेक सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, लॉजिस्टिक हब और ज्यूडिशियल एकेडमी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। टाउनशिप को दो हिस्सों में बांटा जाएगा – विशेष क्षेत्र (लगभग 81,730 एकड़) और कोर एरिया (लगभग 1,010 एकड़)। यह ‘सैटेलाइट सिटी’ सिर्फ आवासीय क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि एक बड़े आर्थिक और खेल केंद्र के रूप में उभरेगी। स्पोर्ट्स सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मैदान होंगे और फिनटेक सिटी (Fintech City) बैंकिंग व वित्तीय कंपनियों को आकर्षित करेगी, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
स्थान और शामिल गाँव
इस टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में पुनपुन, फतुहा, संपतचक, नौबतपुर, पटना ग्रामीण, दानियावां, धनरुआ, मसौढ़ी सहित 9 प्रखंडों के 274 गांव शामिल किए गए हैं। पुनपुन नगर पंचायत के 6 वार्ड भी इसका हिस्सा होंगे। कोर एरिया में पीपरा, बाजिदपुर, पनवार, नुरुद्दीनपुर, डुमरी, नादपुर खैरी, खापुरा, कलियानपुर बसियावां, पीपरा चक और सिकंदरपुर समेत 12 गांव शामिल हैं। सरकार ने टाउनशिप के लिए चिन्हित क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगा दी है। फिलहाल मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। अन्य शहरों – दरभंगा, छपरा, सोनपुर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया, सीतामढ़ी, मुंगेर और सहरसा – में भी इसी तरह के टाउनशिप विकसित किए जाएंगे।
इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में एक विशाल लॉजिस्टिक हब की भी योजना है, जो बिहार के औद्योगिक विकास की रीढ़ बनेगा। पर्यावरण और जीवनशैली पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसमें चौड़ी सड़कें, आधुनिक ड्रेनेज, स्कूल, अस्पताल और पार्क शामिल होंगे। भीड़भाड़ वाले पुराने पटना पर दबाव कम करने के उद्देश्य से यह Patna Greenfield Township विकसित की जा रही है, जिसका लक्ष्य देश के अन्य विकसित महानगरों के बराबर जीवनशैली प्रदान करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पटना में पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप: क्या है योजना?
दरअसल, बिहार में कुल 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन टाउनशिप के लिए चिन्हित क्षेत्र का विकास नगर विकास विभाग द्वारा चयनित एजेंसी करेगी। प्रत्येक सैटेलाइट टाउनशिप लगभग 800 से 1200 एकड़ में प्रस्तावित है। विभाग ने इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इन नए शहरों में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक क्षेत्र, पार्क, खुले मैदान और आधुनिक सड़कों जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
विकास मॉडल और भूखंड मालिकों के अधिकार
विकास के बाद, टाउनशिप के कुल क्षेत्र का 55 प्रतिशत हिस्सा उन भूखंड मालिक को वापस किया जाएगा, जिनकी जमीन अधिग्रहित की गई है। उन्हें उनकी मूल जमीन की हिस्सेदारी के हिसाब से भूखंड आवंटित किए जाएंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हर स्कीम की वित्तीय व्यवहार्यता के आधार पर, मूल भूखंड मालिक को लौटाई जाने वाली भूमि का प्रतिशत अलग-अलग निर्धारित किया जा सकता है।
चिन्हित क्षेत्रों का विकास निर्माण एजेंसी अपने खर्च पर करेगी। इस कार्य के एवज में, कुल भूमि का अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा एजेंसी को बिक्री के लिए दिया जाएगा। यह हिस्सा आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक प्रकृति के अनुसार तय किया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आगामी प्रक्रिया और आपकी आपत्तियां
Bihar Satellite Township परियोजना के तहत, टाउनशिप के चिन्हित क्षेत्र का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद विकास एजेंसी जमीन मालिकों के साथ बैठक करेगी और उनसे आपत्ति तथा सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के आधार पर संशोधित प्रारूप तैयार किया जाएगा, जिसे अंततः नगर विकास विभाग की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस पहल से बिहार में शहरी विकास को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।







