
Patna LPG Cylinder Fraud: जब जलता है चूल्हा, तो घर में मुस्कान आती है, पर जब लालच की आग भड़कती है, तो नियमों का धुआं भी उड़ जाता है। पटना की गलियों से एक ऐसी ही कहानी सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी शातिर चालों से सरकारी सिस्टम को भी गच्चा दे दिया। यह मामला रसोई गैस सिलेंडर से जुड़ा है, जिसमें एक शख्स ने बड़े अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर गैस सिलेंडर हथिया लिए।
Bihar LPG Cylinder News: देश में जहां हर घर की रसोई में गैस की आंच धीमी पड़ रही है, वहीं पटना से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वीवीआईपी संस्कृति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय से जुड़े एक दावे ने हड़कंप मचा दिया है, जिसमें उन पर जबरन एलपीजी सिलेंडर लेने का आरोप है।
Bihar LPG Cylinder News: क्या डिप्टी सीएम के नाम पर हुई ‘सिलेंडर’ की हेराफेरी? सम्राट चौधरी के दफ्तर से आई सफाई
Bihar LPG Cylinder News: डिप्टी सीएम कार्यालय पर लगे आरोपों की सच्चाई
घरेलू रसोई गैस की किल्लत के बीच, पटना में एक गैस एजेंसी संचालक के सनसनीखेज दावे ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। संचालक ने आरोप लगाया कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास से आए एक एसडीओ ने धौंस जमाकर 4 एलपीजी सिलेंडर ले लिए। इस दावे के बाद उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से तत्काल स्पष्टीकरण जारी किया गया है। सम्राट चौधरी के आप्त सचिव शैलेंद्र कुमार ओझा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक बताया है।
आप्त सचिव शैलेंद्र कुमार ओझा ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उपमुख्यमंत्री कार्यालय से गैस एजेंसी के गोदाम से एलपीजी सिलेंडर मंगवाने या आपूर्ति के लिए दबाव बनाने से जुड़े सभी आरोप निराधार हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही ऐसी खबरें सत्य से परे हैं। ओझा ने जोर देकर कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय में ‘एसडीओ’ नाम का कोई पद नहीं है। ऐसे में यह दावा कि कार्यालय में कार्यरत एसडीओ ने सिलेंडर मंगवाए या दबाव डाला, पूरी तरह असत्य है।
क्या था गैस एजेंसी संचालक का दावा और वीडियो वायरल होने का सच?
असल में, पटना के एक गैस एजेंसी संचालक ने मीडिया के सामने आकर दावा किया था कि बुधवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय से एक एसडीओ उनके पास आए थे। इस अधिकारी ने 15 सिलेंडरों की मांग की, और जब संचालक ने अपने गोदाम की चाबी दी, तो वहां उपलब्ध 4 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर जबरन ले गए। इस गैस एजेंसी संचालक का यह दावा करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया, जिसने लोगों को तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने पर मजबूर कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गैस एजेंसी संचालक पटना के गर्दनीबाग इलाके में स्थित एक गैस एजेंसी का मालिक है। हालांकि, उसने सिलेंडर ले जाने वाले एसडीओ या अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अफवाहों पर लगाम और जांच का आश्वासन
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कार्यालय से शुक्रवार को जारी बयान में इस पूरे घटनाक्रम को निराधार बताया गया और सभी आरोपों को खारिज कर दिया गया। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि इन भ्रामक खबरों की सच्चाई सामने लाने और अफवाह फैलाने वालों की पहचान करने के लिए मामले की गहन जांच कराई जाएगी। उपमुख्यमंत्री के आप्त सचिव ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Patna LPG Cylinder Fraud: पटना में वीवीआईपी नाम पर कैसे हुआ गैस सिलेंडर घोटाला?
Patna LPG Cylinder Fraud: क्या है पूरा मामला?
बिहार की राजधानी पटना में रसोई गैस को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर स्वयं को प्रभावशाली सरकारी अधिकारियों से जुड़ा बताकर कई रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त किए। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ने खुद को उच्च पदस्थ व्यक्तियों से संबंधित बताया और गैस एजेंसी पर दबाव डालकर कई सिलेंडर बिना उचित प्रक्रिया के प्राप्त कर लिए। यह पूरा खेल कई दिनों से चल रहा था, और किसी को कानों-कान खबर तक नहीं थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अधिकारियों में हड़कंप
यह मामला प्रकाश में आते ही जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों में चिंता की लहर दौड़ गई है। उन्हें यह आशंका सता रही है कि कहीं यह एक बड़े रसोई गैस घोटाला का हिस्सा तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रहे हैं और दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह की धोखाधड़ी से आम उपभोक्ता के लिए सिलेंडर की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब रसोई गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं।
कौन है यह शातिर आरोपी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहचान उजागर नहीं की गई है, लेकिन उसकी तलाश तेजी से जारी है। बताया जा रहा है कि वह एक शातिर किस्म का व्यक्ति है जिसने पहले भी इसी तरह के अपराधों को अंजाम देने की कोशिश की होगी। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या इस काम में गैस एजेंसी के किसी कर्मचारी की मिलीभगत थी। यदि ऐसा पाया जाता है तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ यह घटना राज्य में सरकारी सुविधाओं के वितरण में पारदर्शिता पर सवाल उठाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जांच और आगे की कार्रवाई
इस मामले को लेकर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया है। एक उच्च-स्तरीय जांच टीम का गठन किया गया है जो सभी पहलुओं पर गौर करेगी। टीम इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने किन अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल किया और गैस एजेंसी ने बिना सत्यापन के सिलेंडर कैसे जारी कर दिए। यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों, आपूर्ति विभाग अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश होगा और सभी दोषी सलाखों के पीछे होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


