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पटना MLC काउंटिंग में बड़ा बवाल! मतगणना केंद्र में CCTV क्यों नहीं? EC से जनसुराज का सीधा सवाल | क्या बोलीं -दिव्या ज्योति

पटना MLC काउंटिंग में बड़ा बवाल! मतगणना केंद्र में CCTV क्यों नहीं? EC से जनसुराज का सीधा सवाल | क्या बोलीं -दिव्या ज्योति

पटना MLC काउंटिंग में बड़ा बवाल! मतगणना केंद्र में CCTV क्यों नहीं? EC से जनसुराज का सीधा सवाल | क्या बोलीं -दिव्या ज्योति

Bihar MLC Election: बिहार में विधान परिषद चुनाव की मतगणना के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी मतगणना में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने का मुद्दा गरमा गया है। महागठबंधन के प्रत्याशी संजीव कुमार सिंह और जन सुराज की प्रत्याशी दिव्या ज्योति ने मतगणना कक्ष में कैमरों की अनुपस्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दोनों उम्मीदवारों ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग से तत्काल जवाब की मांग की है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह गहरा गया है।

काउंटिंग सेंटर में CCTV न होने पर भड़के प्रत्याशी

जनसुराज की प्रत्याशी दिव्या ज्योति ने सीधे तौर पर निर्वाचन आयोग और कमिश्नरी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्रों के अंदर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। दिव्या ज्योति ने स्पष्ट कहा कि अगर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जा रहे हैं, तो यह चुनाव आयोग की ईमानदारी और निष्पक्षता पर संदेह पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कहीं न कहीं चुनाव आयोग के चरित्र को संदेहास्पद बनाता है।

“इतना महत्वपूर्ण काउंटिंग हो रहा है। कैंडिडेट्स के भविष्य का सवाल है। चुनाव आयोग पर प्रश्न उठ सकता है। चुनाव आयोग काउंटिंग के लिए जवाबदेह हैं। ऐसे में सीसीटीवी कैमरा लगाना चाहिए था।”

प्रत्याशी दिव्या ज्योति ने इस गंभीर शिकायत को लेकर हाईकोर्ट जाने की बात भी कही है। उनके अनुसार, यह मुद्दा उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ा है और चुनाव आयोग को जवाबदेह होना चाहिए।

राजद प्रत्याशी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

दिव्या ज्योति के आरोपों के बाद, राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार भी पटना के काउंटिंग सेंटर पर पहुंचे। उन्हें भी सीसीटीवी कैमरे न होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। मीडिया से बात करते हुए डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि देश में जहां भी चुनाव होते हैं, वहां सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रावधान होता है, लेकिन बिहार MLC चुनाव में ऐसा नहीं है।

“बाकी जगह प्रावधान है और एमएलसी चुनाव में नहीं है, यह तो दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पता चलता है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी है।”

डॉ. संजीव कुमार ने इस बात को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए चुनाव प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी की आशंका जताई।

डीएम कुंदन कुमार का जवाब

इस बीच, पटना के काउंटिंग सेंटर पर डीएम कुंदन कुमार भी मौजूद थे। जब उनसे सीसीटीवी कैमरे न होने की शिकायत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस चुनाव में सीसीटीवी कैमरे लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। डीएम कुंदन कुमार के इस बयान ने प्रत्याशियों के आरोपों और चिंताओं को और बढ़ा दिया है, जो स्पष्ट रूप से सीसीटीवी कैमरे के प्रावधान की बात कर रहे हैं।

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए आज मतगणना हो रही है, जिसमें कुल 150 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। काउंटिंग सेंटर पर पारदर्शिता को लेकर उठ रहे ये सवाल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।

मतगणना के दौरान यह विवाद तब और गहरा गया है जब प्रत्याशियों और जिला प्रशासन के बीच सीसीटीवी कैमरे की अनिवार्यता पर मतभेद सामने आया है। इस घटनाक्रम के बाद, चुनाव आयोग की भूमिका और आगे की कानूनी कार्यवाही पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

मतगणना में पारदर्शिता पर उठे सवाल

मतगणना केंद्र में सीसीटीवी कैमरे न होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रत्याशियों में चिंता है। महागठबंधन के प्रत्याशी संजीव कुमार सिंह ने कहा कि जब अलग-अलग जगहों पर निगरानी के लिए कैमरों का इस्तेमाल होता है, तो मतगणना कक्ष को इससे अलग क्यों रखा गया है। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने बताया है कि इस चुनाव में सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था नहीं होती है, लेकिन इस जवाब से वे संतुष्ट नहीं हैं।

संजीव कुमार सिंह ने कहा, ‘मतगणना केंद्र के अंदर CCTV कैमरे लगाए जाने चाहिए थे। मतगणना चल रही है, लेकिन अंदर CCTV कैमरे नहीं लगे हैं।’

इससे पहले, पटना स्नातक चुनाव के दौरान जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह ने भी मतगणना में सीसीटीवी कैमरे को लेकर सवाल उठाए थे, जो अब शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी दोहराए जा रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी डॉक्टर संजय कुमार भी बिहार की 8 एमएलसी सीटों पर शुरू हुई काउंटिंग के दौरान धरने पर बैठ गए हैं।

निर्वाचन आयोग की भूमिका पर गंभीर चिंता

जन सुराज की एमएलसी प्रत्याशी दिव्या ज्योति ने भी इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य इंतजाम तो ठीक हैं, लेकिन जिस कमरे में वोटों की गिनती हो रही है, वहां सीसीटीवी कैमरे न होना सवालों के घेरे में है। दिव्या ज्योति ने निर्वाचन आयोग से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है।

दिव्या ज्योति ने कहा, ‘निष्पक्ष चुनाव और मतगणना सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी है। पारदर्शिता को लेकर उठने वाले सवालों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। यह प्रत्याशियों के भविष्य से जुड़ा मामला है। इसलिए मतगणना की प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की शंका दूर की जानी चाहिए।’

उन्होंने इस मामले में शिकायत भी दर्ज कराई है और अब निर्वाचन आयोग की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। प्रत्याशियों का कहना है कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाता है और परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश नहीं होती है, तो जन सुराज के पक्ष में नतीजा आने की उम्मीद है। मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिस पर अब गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गए हैं।

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